संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। शाहाबाद से सढ़ौरा वाया तंदवाल मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बस सेवा चार दिनों से बंद है। इस कारण शनिवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। परिवहन विभाग और सरकार की अनदेखी से गुस्साए तंदवाल गांव के निवासियों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि रूट नंबर 86 पर तैनात चालक को विभाग ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के फायर ब्रिगेड में भेज दिया। इससे हजारों यात्रियों का आवागमन ठप हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह बस सेवा इस क्षेत्र के लगभग 25 गांवों के लिए लाइफलाइन मानी जाती है। शाहाबाद, रावा, पाडलू, डाडलू, सोहाता, राउमाजरा, तंदवाल, बराड़ा और सढ़ौरा जैसे महत्वपूर्ण गांवों को जोड़ने वाली यह बस सुबह से शाम तक पांच चक्कर लगाती थी।
बस सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा मार स्कूली बच्चों, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और निजी व सरकारी क्षेत्र में कार्यरत नौकरीपेशा लोगों पर पड़ी है। समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को अब महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि सरकार को चालक की आवश्यकता दूसरे विभाग में थी, तो उसकी जगह तुरंत किसी अन्य चालक की तैनाती क्यों नहीं की गई।
अंबाला डिपो की यह बस सुबह 6:30 बजे बराड़ा से चलकर 7:30 बजे शाहाबाद पहुंचती है। इसके बाद दोपहर और शाम तक सढ़ौरा और शाहाबाद के बीच फेरे लगाती है। इसमें प्रतिदिन औसतन 500 से 700 यात्री सफर करते हैं। ग्रामीण यशपाल, गुरपाल, मनोज, गुरनाम, पंकज आदि ने मांग की है कि तत्काल नए चालक की नियुक्ति और बस सेवा की बहाली हो। इस संदर्भ में जब अंबाला डिपो के जीएम अश्विनी डोगरा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।