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Ambala News: मंत्री के आवास पर गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

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प्रेम नगर में रोष जताती हुई आंगनबाड़ी वर्कर्स। संवाद
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अंबाला सिटी। वेतन बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों के लिए सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिला और बाल विकास मंत्री असीम गोयल के निवास का घेराव किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और वर्कर्स यूनियन की प्रधान अनुपमा ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें बुनियादी चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं।
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यहां तक कि बच्चों का खाना बनाने के लिए ईंधन खर्च भी बीते तीन वर्ष से नहीं मिला है। इसलिए अब उन्हाेंने फैसला लिया है कि वह अब खाना पका कर नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि जो आंगनबाड़ियां किराये पर चल रही है। उनका किराया भी अभी तक नहीं मिला है। इतना ही नहीं सरकार की ओर से किराये में बढ़ोतरी की गई थी। लेकिन अब भी उन्हें पुराने मूल्यों पर ही किराये का भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीण में तो 200 रुपए ही किराया मिलता है। यूनियन का कहना है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन करेंगी।
मंत्री के भाई से मिला आश्वासन
महिला और बाल विकास मंत्री असीम गोयल के भाई रितेश गोयल ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स की जो मांगे अधिकारिक स्तर पर सुलझाई जा सकती हैं। उसका निपटान जरूर करवाया जाएगा। इसके अलावा जो मंत्रिमंडल स्तर की मांगे हैं। उनके लिए भी मंत्री केबिनेट में बात करेंगे।
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समय पर नहीं मिलता राशन
एसोसिएशन प्रधान अनुपमा ने बताया कि एक बच्चे के लिए 100 ग्राम राशन दिया जाना निर्धारित है। लेकिन बीते कई माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर दलिया बनाने के लिए चिनी, चावल, सूखा दूध व अन्य सामान नहीं मिल रहा है। पूरी बनाने के लिए तेल भी बहुत कम मिलता है। आंगनबाडियों में शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के साथ साथ गर्भवती भी आती हैं। उन्हें भी आंगनबाड़ी में ही खाना दिया जाता है।
इन मांगों के लिए सौंपा ज्ञापन
प्रधानमंत्री की ओर से वर्ष 2018 में घोषित 1500 / 700 की बढ़ोतरी दी जाए जो कि हरियाणा को छोड़कर पूरे देश में मिल रही है। मुख्यमंत्री की ओर से सुपरवाइजर के सभी पदों पर वर्करों से भरने का वादा पूरा किया जाए। हर वर्ष सितंबर में महंगाई भत्ता देने का वादा किया था। वर्ष 2220-2023 का भत्ता जल्दी लागू कराया जाए। हेल्परों की प्रोमोशन में 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जाए। शिक्षा विभाग की तरह वर्कर, हेल्पर को गर्मी सर्दी की छुट्टियां लागू की जाए। खाली पड़े पदों पर हेल्परों व वर्करों की भर्ती की जाए। मैन्यू के हिसाब से हर महीने राशन भेजा जाए व ईंधन का बकाया दिया जाए।

प्रेम नगर में रोष जताती हुई आंगनबाड़ी वर्कर्स। संवाद

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