संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अंबाला की ओर से 2 हजार रुपये की रिश्वत लेती पकड़ी गई आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मीनू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मंगलवार आरोपी मीनू को एसीबी की टीम ने सीजेएम गीतांजलि गोयल की अदालत में पेश किया था। आरोपी ने यह राशि शिकायतकर्ता से यह कहकर मांगी थी कि उच्चाधिकारियों को पांच हजार रुपये देने हैं। जब पैसे थोड़ा कम करने की बात कहीं थी तो आरोपी मीनू ने चार हजार रुपये तय किए थे।
शिव मंदिर के पास पहले दो हजार रुपये रिश्वत ले चुकी थी मीनू
पहली बार में दो हजार रुपये मीनू ने मुलाना के शिव मंदिर के पास बुलाकर लिए थे। शेष दो हजार रुपये की राशि लेकर साहा बुलाया था। उस समय एसीबी की टीम ने आरोपी मीनू को काबू किया था। इस मामले में शिकायतकर्ता सुभाष ने बताया था कि उनकी पत्नी उषा रानी आंगनबाड़ी हेल्पर हैं। केवाईसी न होने के कारण आईडीबीआई बैंक मुलाना में खाता बंद होने के कारण तीन माह का वेतन लंबित था। नया बैंक खाता खुलवाने के लिए विभागीय मोहर व हस्ताक्षर करने व बकाया वेतन नए खाते में डलवाने की एवज में आरोपी मीनू ने 4 हजार रुपये की मांग की थी। इस मामले में एससीबी ने धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अंबाला में प्राथमिकी दर्ज कर लिया।