अंबाला सिटी। शहर नगर निगम में महिला आरक्षित मेयर पद पर उप चुनाव को लेकर माहौल गर्म होने लगा है। घर-घर प्रचार के साथ ही चुनावी सभा भी शुरू हो गई हैं। भाजपा से मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा की पत्नी शैलजा सचदेवा पहली बार चुनावी मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पूर्व मीडिया कोऑर्डिनेटर और पार्षद रहे दिवंगत दिलीप चावला बिट्टू की पत्नी अमिषा चावला चुनाव लड़ रही हैं।
अमिषा चावला दूसरी बार मेयर पद पर चुनाव लड़ रही हैं। 2020 में अमिषा चावला हरियाणा डेमोक्रेोटिक फ्रंट से मेयर पद पर चुनाव के लिए उतरी थीं। वहीं, इस चुनाव में भाजपा के पास पहली बार कमल खिलाने और कांग्रेस के पास खोई प्रतिष्ठा बचाने का मौका है। दोनों ने पंजाबी चेहरे को चुनावी मैदान में उतारा है।
कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री का दबदबा
इस समय शहर में कांग्रेस से निर्मल सिंह विधायक हैं। निर्मल सिंह बीते वर्ष भाजपा के असीम गोयल को चुनाव में हराकर विधायक बने हैं। गोयल लगातार दो बार विधायक चुने गए थे। पूर्व की भाजपा सरकार में मंत्री भी थे। अब मेयर चुनाव की जिम्मेदारी इन दोनों पर है। अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव में जीत दिलाना उनकी प्रतिष्ठा का सवाल भी है।
हरियाणा जनचेतना पार्टी से शक्ति रानी शर्मा 2020 में शहर से मेयर बनी थीं, हालांकि अब वह कालका से भाजपा से विधायक हैं। जहां भाजपा पहली बार मेयर चुनाव जीतकर कमल खिलाना चाहेगी, वहीं, कांग्रेस भी इस चुनाव को जीतने के इरादे से मैदान में उतरी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस में रोमांचक मुकाबला होगा।
2013 में 67 और 2020 में 56.3 फीसद था मतदान
दिसंबर 2020 में हुए मेयर चुनाव में शहर के एक लाख 87 हजार मतदाता में से एक लाख पांच हजार मतदाताओं ने मतदान किया था, जबकि 82 हजार ऐसे मतदाता थे, जिन्होंने वोट डालने में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। सिर्फ 56.3 प्रतिशत ने ही वोट डाला था। इसी तरह दो जून 2013 में हुए पहले नगर निगम चुनाव में 67 प्रतिशत ने ही वोट डाले थे। तब रमेश मल पहले मेयर बने थे।
शक्तिरानी के विधायक बनने पर पद रिक्त
जनवरी 2021 में शक्ति रानी शर्मा ने नगर निगम में मेयर का पदभार संभाला था। वह हरियाणा जनचेतना पार्टी से चुनाव लड़ी थी। इस चुनाव में शक्ति रानी शर्मा को 37 हजार 604, भाजपा की वंदना शर्मा को 29 हजार 520 वोट, हरियाणा डेमोक्रेोटिक फ्रंट की अमीषा चावला को 16 हजार 421 वोट और कांग्रेस की मीना अग्रवाल को 13 हजार 797 वोट मिले थे। हरियाणा जनचेतना पार्टी की शक्तिरानी शर्मा ने भाजपा की वंदना शर्मा को 8 हजार 84 मत से हराया था। बीते विधानसभा चुनाव में शक्ति रानी शर्मा कालका से विधायक बन गई हैं। उन्होंने भाजपा की सीट से चुनाव लड़ा था। अब यह पद रिक्त हो गया है। जनवरी 2026 तक मेयर का कार्यकाल बचा है। यह कार्यकाल करीब 10 माह का होगा।
नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन 17 फरवरी
जिला निर्वाचन अधिकारी और डीसी अजय सिंह तोमर ने बताया कि 17 फरवरी तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं, 18 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। संबंधित उम्मीदवार 19 फरवरी को सुबह 11 बजे से तीन बजे तक नामांकन वापस ले सकते हैं। इसी दिन तीन बजे के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आबंटित किए जाएंगे। 19 फरवरी को ही चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों, मतदान केंद्र की सूची चस्पा की जाएगी। दो मार्च को मतदान होगा और 12 मार्च को मतगणना का कार्य किया जाएगा और इसी दिन मतगणना का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।