अंबाला। तीन ट्रेनों से पकड़े गए लगभग आठ करोड़ के आभूषण जल्द ही उनके मालिकों के सुपुर्द किए जाएंगे। रेल मंत्री सहित डीजी आरपीएफ से गुहार लगाने के बाद अमृतसर के स्वर्ण व्यापारियों को सकारात्मक कार्रवाई का इशारा मिला है। जबकि साढ़े चार करोड़ सोने के आभूषणों के साथ पकड़े गए व्यक्तियों को भी शनिवार कोर्ट ने जमानत दे दी है। वहीं जिला परिषद की तरफ से एनओसी लेने की प्रक्रिया भी स्वर्ण व्यापारियों ने शुरु कर दी है।
इसके बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र को कोर्ट में पेश किया जाएगा ताकि स्वर्ण आभूषण वापिस मिल सकें। अमृतसर स्वर्णकार संघ के उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह सेहजरा ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें आभूषण मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जो व्यक्ति आभूषणों के साथ आरपीएफ ने पकड़े थे, उनकी रेलवे एक्ट में कोर्ट द्वारा जमानत की प्रक्रिया निर्धारित थी, इसलिए उन तीनों व्यक्तियों को अमृतसर से अंबाला बुलाया गया। अब जिला परिषद को भी मामले की जानकारी दी गई है और उन्हें भी स्वर्ण आभूषणों से जुड़े बिल व अन्य दस्तावेज दिखाए गए हैं ताकि अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल सके।
यह थे मामले
आरपीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर तीन ट्रेनों में छापामारी करते हुए लगभग आठ करोड़ के स्वर्ण आभूषणों सहित छह व्यक्तियों को पकड़ा था। पहला मामला पांच सितंबर को ट्रेन नंबर 12926 पश्चिम एक्सप्रेस से सामने आया था। इस दौरान डेढ़ करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषण और पांच लाख रुपये की नगदी पकड़ी गई थी। दूसरा मामला सात सितंबर को ट्रेन नंबर 12471 स्वराज एक्सप्रेस से सामने आया था और इस दौरान एक करोड़ 15 लाख रुपये के स्वर्ण आभूषण और नगदी पकड़ी गई थी। जबकि तीसरा मामला 11 सितंबर को अमृतसर-हावड़ा मेल से सामने आया था और ट्रेन से साढ़े चार करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषण पकड़े गए थे।