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दुकानदारों के हंगामे के बीच पालिका विहार की दुकानें सील

Sat, 10 Oct 2015 12:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
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शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश पर पालिका विहार में बनी दुकानों के शटर तोड़ने व उनकी सीलिंग के दौरान जबरदस्त हंगामा हो गया। इस दौरान दुकानदार मौके पर पहुंचे म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के एक्सईएन से ही भिड़ गए, लेकिन जब पुलिस वालों ने दुकानदारों को समझाने का प्रयास किया तो दुकानदार उनसे भी उलझ गए। इस दौरान काफी देर तक बवाल जारी रहा।
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मगर आखिर में पुलिस दुकानदारों को समझाने में कामयाब रही। हंगामे के दौरान दुकानदारों ने मौके पर ही एमसीए अफसरों पर रिश्वत देकर अपनी दुकानों के नक्शे पास करवाए जाने की भी बात कही। जिसे लेकर वहां एमसीए अफसर और पुलिस वाले भी सन्न रह गए।

अंबाला के डीसी को देना है हाईकोर्ट में शपथपत्र
दरअसल, हाईकोर्ट में इन दुकानों को लेकर एक पुराना केस विचाराधीन है। इस मामले में याची ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाकर ये कहा था कि रिहायशी कॉलोनी में व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन एमसीए के कुछ अफसरों ने मिलीभगत कर पालिका विहार में काफी दुकानों के नक्शे पास करके उन्हें व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की अनुमति दे रखी है, जो कि नियम के विरुद्ध है।
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हाईकोर्ट ने इसी याचिका पर गंभीरता दिखाते हुए डीसी अंबाला को आदेश दिए थे कि इन गतिविधियों को बंद करवाकर 19 अक्टूबर को बाकायदा शपथ पत्र के साथ हाईकोर्ट को ये बताएं कि ये व्यावसायिक गतिविधियां रिहायशी इलाके में बंद हो गई हैं। हाईकोर्ट के इन्हीं आदेशों की पालना करते हुए एमसीए के अफसर व कर्मचारी शुक्रवार को सिटी के पालिका विहार पहुंचे और जैसे ही उन्होंने अपनी कार्रवाई शुरू की तो वहां अच्छा-खासा हंगामा हो गया है।

अफसर पर खुलकर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
जैसे ही एमसीए अफसर पुलिस बल लेकर दुकानों की सीलिंग करने पहुंचे, तभी वहां मौजूद तकरीबन इकत्तीस दुकानदार एमसीए अफसरों पर भड़क गए। उन्होंने पुलिस के सामने ही अफसरों को खरी-खरी सुनाई और उनसे कहा कि पहले तो बीस-बीस हजार रुपये लेकर उन्होंने यहां दुकानों के नक्शे पास किए हैं और अब उनकी दुकानें तोड़ने पहुंच गए हैं। इस दौरान दुकानदार वहां मौजूद एमसीए एक्सईएन डीके मंगला तक से भी भिड़ गए।

पुलिस को बीच बचाव करना पड़ा तो गुस्साए दुकानदार पुलिसवालों से भी उलझ गए। लेकिन काफी मशक्कत के बाद हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर पुलिस ने दुकानदारों को शांत करवाया। उसके बाद एमसीए कर्मियों ने दुकानों के शटर तोड़कर दुकानें सील कर दी।

उधर, मौके पर मौजूद एक्सईएन डीके मंगला ने कहा कि दुकानदार अफसरों पर भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगा रहे हैं। एमसीए का कोई अफसर भ्रष्ट नहीं है और यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही है। इस दौरान एक किशोरी भी हाथ जोड़कर इस कार्रवाई को रोकने की अपील करती रही, लेकिन उसकी भी किसी ने नहीं सुनी।

कमिश्नर भी हैरान, कैसे पास हुए नक्शे? होगी जांच
भले ही ये केस हाईकोर्ट से संबंद्ध है, इसलिए एमसीए ने हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए पालिका विहार में दुकानदारों के खासे हंगामे और विरोध के बावजूद दुकानों को सील तो करवा दिया। लेकिन एमसीए कमिश्नर इस बात को लेकर बहुत हैरान है कि रिहायशी कालोनी में आखिरकार एमसीए की ओर दुकानों के नक्शे कैसे पास हो गए? दुकानदारों ने मौके पर सीलिंग के दौरान अपनी-अपनी दुकानों के नक्शे एमसीए अफसरों और पुलिस को दिखाए। ये नक्शे बाकायदा अब एमसीए पहले नगर परिषद ने पास किए हुए हैं।

दुकानदारों ने कहा कि यदि ये दुकानें नियम विरुद्ध थी तो अफसरों ने कैसे इन नक्शों को पास किया? दुकानदारों ने डीसी व एमसीए कमिश्नर से मांग की है कि वे इस मामले की जांच करवाकर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करें। उधर, एमसीए कमिश्नर भी इसी बात को लेकर हैरान है, इसलिए फिलहाल हाईकोर्ट में जवाब देने के साथ-साथ वे इस बात की जांच करवाएंगे कि आखिरकार ये नक्शे कैसे पास हुए?

मेयर ने डीसी से की जांच की मांग
एमसीए मेयर रमेश लाल मल ने इसी संदर्भ में एमसीए कमिश्नर और डीसी अंबाला से इन दुकानदारों की दुकानों के पास गए नक्शों की जांच करवाने की मांग की है। मेयर रमेश लाल ने कहा कि हालांकि ये मामला हाईकोर्ट में चल रहा है, इसलिए हाईकोर्ट के आदेश की हमें पालना करनी चाहिए। मगर डीसी व एमसीए कमिश्नर को इस बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि आखिरकार नियमों के विरूद्ध किसने इन दुकानों के नक्शे पास किए और क्यों पास किए? मेयर के अनुसार वे जल्द ही इसी बाबत लिखित में एक मांग पत्र डीसी व एमसीए कमिश्नर को देने वाले हैं।

ये कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों पर हुई है। दुकानों को सील कर दिया गया है। रिहायशी इलाके में व्यवसायिक गतिविधियां होने की वजह से ये कार्रवाई की गई है। इन दुकानों के नक्शे कैसे पास हैं? और किसने इन्हें पास किया है? ये जांच का विषय है। फिलहाल हाईकोर्ट में इस बाबत जवाब देने के बाद इसकी भी जांच की जाएगी।
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- अजय तोमर, कमिश्नर, म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला
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