अंबाला। अंबाला में साइंस उपकरणों में ग्लास उत्पादों के आईएसआई ग्रेड के निर्माण के फैसले के लिए आखिरकार साइंस कारोबारियों को दिल्ली में उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के तहत वाणिज्य विभाग ने बुला लिया है।
मंगलवार को अंबाला साइंस इंस्ट्रूमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) और दिल्ली से द सर्जिकल मैन्युफैक्चरर्स एवं ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। यहां विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी आशीष कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि साइंस इंडस्ट्री में प्रयोग होने वाले ग्लास से बने उत्पादों को आईएसआई ग्रेड का निर्मित करना जायज नहीं है। इसकी बाजार में मांग नहीं है वहीं इस उद्योग से जुड़े छोटे-छोटे कारोबारियों को काफी नुकसान होगा।
असीमा के महासचिव गौरव सोनी ने बताया कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनने के बाद उन्हें आंकड़ों के साथ इस मामले पर प्रस्तुति देने को कहा है। इसके बाद अब उन्हें दोबारा बुलाया गया है। ऐसे में कारोबारी बुधवार को अंबाला आने के बाद अब ग्लास इंडस्ट्री से जुड़े आंकड़ों को जुटाने में जुट गए हैं। -
यह है पूरा मामला
दरअसल, हाल ही में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने ग्लास वेयर इंडस्ट्रीज को आदेश दिए हैं कि वह अपने उत्पाद आईएसआई ग्रेड के बनाएं। इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अंबाला में छोटे-छोटे कई कारोबारी हैं जो साइंस उत्पाद ग्लास से बनाते हैं। इसमें बीकर, फ्लास्क, नलियां आदि शामिल हैं। ऐसे में आईएसआई ग्रेड की गुणवत्ता के उत्पाद बनाने के लिए उन्हें कई मशीनें और उत्तम दर्जे का कच्चा माल लाना पड़ेगा। इतना भार एकदम से उठाना उनके लिए संभव नहीं है। मौजूदा समय में वह चीन से कच्चा माल मंगा रहे है। इसके साथ ही जो इंडस्ट्री आईएसआई ग्रेड के साइंस उत्पाद बना रही हैं उनके पास भी डिमांड नहीं है, क्योंकि साइंस उत्पाद अधिकांशत: स्कूल, कॉलेजों की प्रयोगशालाओं के लिए जाते हैं। जाे बड़ी प्रयोगशालाएं हैं वह पहले से ही उच्च गुणवत्ता के साइंस उत्पाद लेती हैं।
अंबाला का ग्लास उद्योग-
सालाना का कारोबार- करीब 250 करोड़ रुपये
बड़ी यूनिट- करीब चार
मध्यम यूनिट- करीब 25
सूक्ष्म यूनिट- करीब 1200