हरियाणा के अंबाला के मोहड़ा में मकान के कमरे की कच्ची छत गिरने पर मां और उसके दो जुड़वा बच्चे मलबे में दब गए। इससे डेढ़ वर्षीय बच्चे कुश की मौत हो गई, जबकि दूसरा बाल-बाल बच गया। मां खुशबू की भी टांग में फ्रैक्चर आ गया।
यह हादसा दोपहर करीब चार बजे हुआ। छत गिरने का शोर सुनते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों को मलबे में से निकाला। सूचना पाकर डॉयल 112 की टीम में ईएचसी बलिंद्र सिंह, परविंद्र कुमार और एसपीओ बलविंद्र ने परिवार को प्राथमिक उपचार के लिए छावनी के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने कुश के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया और खुशबू का उपचार शुरू कर दिया।
इलाका पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। घायल खुशबू ने बताया कि वह मूलरूप से नेपाल बार्डर के पास गांव कानवां के रहने वाले हैं। उसकी करीब पांच साल पहले ही शादी हुई थी और लंबे समय से मोहड़ा में ही किराये का कमरा लेकर रह रहे हैं। शादी के बाद उनके दो जुड़वा लड़के हुए थे। एक का नाम राम तो दूसरे का कुश है। पति बिमलेश मंडल दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।
बिलखती मां बोली- पानी पिलाने ले गई थी
अस्पताल में बच्चे की मौत पर मां बिफर गई। बोली कि कमरे के बाहर ही चूल्हा बनाया है। वह दोनों बच्चों को लेकर बाहर ही बैठी थी और उन्हें सेब खिला रही थी। इतने में प्यास लगने पर बच्चे पानी की जिद करने लगे।
दोपहर करीब चार बजे जैसे ही वह कमरे में पानी पिलाने के लिए गई तो देखते ही देखते पहली मंजिल पर बने कमरे की छत गिर गई। जब आंख खुली तो कुश बेसुध था और लव को देखा तो वह रो रहा था, लेकिन उसे चोट नहीं लगी।
बाढ़ में घुसा था पानी, दो दिन पहले ही लिया था कमरा
मृतक कुश के पिता बिमलेश ने बताया कि वह मोहड़ा में पहले दूसरे मकान में रहते थे। बाढ़ के दौरान घर में पानी घुसने के कारण काफी नुकसान हो गया था। उसी से बचने के लिए दो दिन पहले ही यह कमरा किराये पर लिया था। इतना ही नहीं मकान मालिक के साथ मिलकर एक दिन पहले ही छत पर सीमेंट का लेप किया था कि कहीं हादसा न हो जाए। वह अपने काम पर था और तभी सूचना मिली थी कि हादसा हो गया। लाख मन्नतों के बाद कहीं जाकर जुड़वा बच्चे हुए थे और दोनों का नाम भी इसलिए लव व कुश रख दिया था।