नारायणगढ़ में बसपा के प्रदेश सचिव 41 वर्षीय हरबिलास पेशे से वकील भी था। खेतीबाड़ी के साथ-साथ वह पुनीत डांग उर्फ चुन्नू के साथ जमीन बेचने व खरीदने का काम भी किया करता था। इसके अलावा हरबिलास का राधे फार्म नाम से एक मैरिज पैलेस भी है। तीन साल पहले ही चुन्नू ने अजय गर्ग से नारायणगढ़ के चावला पैलेस के पास 95 मरले का प्लाट खरीदा था। उस समय प्लाट का बयाना लिखा गया था। बाद में हरबिलास ने यह प्लाट ले लिया था।
पूरी पेमेंट भी चुन्नू को कर दी थी। आपसी मेल मिलाप होने के कारण अजय गर्ग ने प्लाट की रजिस्ट्री नहीं करवाई थी। जमीन के रेट बढ़ने के कारण रजिस्ट्री से इंकार कर दिया था। फिर हरबिलास व चुन्नू के सामने बढ़े हुए रेट यानी पौने दो करोड़ रुपये ओर देने की बात हुई थी। इसी को लेकर तीनों के बीच विवाद चल रहा था। अजय गर्ग ने यह राशि वेंकट गर्ग को पकड़ाने के लिए बोला था। इसी बीच 24 जनवरी को हरबिलास की पांच गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।
हरबिलास गोलीकांड मामले में गूगल पंडित व वेंकट गर्ग के भाई तुषार गर्ग को भी काबू कर लिया गया है। गूगल पंडित की गिरफ्तारी चंडीगढ़ पीजीआई में पेट पर गोली लगने पर घायल चुन्नू के बयानों पर की गई है। -सूरज चावला, डीएसपी नारायणगढ़ अंबाला।