अंबाला में थाने में विस्फोट के पीछे पाक की खुफिया एजेंसी का हाथ हो सकता है। थाने में कार खड़ी करने वाले चालक कर्मजीत और पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी की चैटिंग से जानकारी मिली है।
अंबाला के बलदेव नगर थाने में 10 जनवरी को हुए विस्फोट की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे साजिश का रहस्य परत दर परत खुलता जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। इस शक के पीछे कई कारण हैं।
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इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किए गए कार चालक कर्मजीत उर्फ टोनी से पूछताछ में ऐसे कई साक्ष्य मिले हैं जो साजिश के पीछे आईएसआई का हाथ होने का इशारा करते हैं। टोनी सिग्नल एप इस्तेमाल कर रहा था। यह एप आईएसआई के एजेंट और आतंकी भी इस्तेमाल करते हैं।
इतना ही नहीं, विस्फोट के बाद टोनी की इसी एप पर किसी के साथ लंबी चैटिंग हुई थी। साइबर सेल की मदद से यह चैटिंग रिकवर कर ली गई है। जिस शख्स से टोनी चैटिंग कर रहा था, उसका नाम पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी बताया जा रहा है।
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शहजाद भट्टी वही अपराधी है जिसके नाम से अगले दिन वीडियो वायरल हुआ था। इसमें भट्टी को यह कहते दिखाया गया था कि उसका विस्फोट से कोई संबंध नहीं है। एजेंसियां अब यह मालूम कर रही हैं कि टोनी भट्टी के नाम से किसी और से चैटिंग तो नहीं कर रहा था। भट्टी को आईएसआई का सहयोगी बताया जाता है। उसका नाम आने से जांच की दिशा आईएसआई की ओर मुड़ी है।
गिरफ्तारी के बाद तीन दिन की रिमांड पर लिए गए टोनी से पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने एप पर मिले इशारे पर ही रसोई गैस के तीन सिलिंडर और विस्फोटक से भरी सफेद रंग की मारूति 800 कार थाने में खड़ी की थी।
इसके बदले उसे 30 हजार रुपये मिले थे। विस्फोट के बाद और रकम देने का वादा किया था। पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में भी इस साजिश और दोनों के बीच सिग्नल एप पर चैटिंग का जिक्र किया गया है।
थाने में कार खड़ी करके जाते समय टोनी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। इसी फुटेज की मदद से पुलिस ने पंजाब के पटियाला स्थित गुरबक्श कॉलोनी निवासी टोनी को गिरफ्तार करने के बाद तीन दिन की रिमांड पर ले लिया था। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
आकाश और सौरभ लाए थे विस्फोटक
टोनी से पूछताछ में यह भी साफ हुआ कि कार में सिलिंडर और विस्फोटक पंजाब के जिला फिरोजपुर स्थित गांव फत्तूवाला के निवासी आकाश और उसका भाई सौरभ उर्फ सोबी ने रखा था। दोनों भाइयों को विस्फोटक फिरोजपुर से मिला था। दोनों इसे लेकर अंबाला पहुंचे और होटल में ठहर गए।
10 जनवरी की सुबह कर्मजीत कार लेकर पहुंचा। दोनों भाइयों ने कार की डिक्की में विस्फोटक सामग्री और तीन तीन किलो गैस से भरे तीन सिलिंडर रख दिए। इसके बदले उन्हें 60 हजार रुपये मिले थे। टोनी ने कार ले जाकर थाने में खड़ी कर दी। दोपहर पौने दो बजे इसमें विस्फोट हो गया।
इन सवालों के जवाब बाकी
1. आईएसआई के सहयोगी शहजाद भट्टी के नाम से वीडियो किसने और क्यों वायरल किया? क्या इसके पीछे सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने की साजिश थी?
2. टोनी को 30 हजार और आकाश व सौरभ को 60 हजार रुपये किसने दिए? क्या यह रकम आईएसआई ने किसी के माध्यम से भिजवाई थी?
3. थाने में विस्फोट के पीछे मकसद क्या था? किसी भी संगठन ने अभी तक इस घटना की जिम्मेदारी क्यों नहीं ली है?
4. आकाश और सौरभ को विस्फोटक फिरोजपुर में मिला। अहम सवाल यह भी है कि फिरोजपुर में विस्फोटक किसने पहुंचाया था?
आरोपी कर्मजीत की शहजाद भट्टी के साथ चैटिंग की जानकारी मिली है लेकिन इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह सही है या फिर नहीं। इस मामले में कई और लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता सभी की गिरफ्तारी पर है- अजीत सिंह शेखावत, एसपी अंबाला