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Ambala News: आजादी से अब तक 22 हजार 500 सैनिक दिए अंबाला ने

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चरणजीत कौर अपने पति नायब हरजिंद्र सिंह की फोटो को निहारते हुए। संवाद
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अंबाला। आजादी से लेकर आज तक देश की सेवा के लिए अंबाला 22 हजार 500 सैनिक दिए है। जब-जब युद्ध हुए तब-तब हरियाणा और पंजाब के वीर जवानों का योगदान अग्रणी रहा है।
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अंबाला की धरती ने वीर जवानों को जन्मा है। मौजूदा समय में लगभग 15 हजार सैनिक रिटायर्ड हैं तो 100 के करीब बलिदानी। इसके अलावा 6500 सैनिक विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन सैनिकों में से कुछ ने 1965 और 1971 के युद्धों में भाग लेकर शहादत पाई। इसके कई उदाहरण है। इसमें अंबाला के तेपला निवासी नायब हरजिंद्र सिंह भी हैं। जो 2005 में देश के लिए बलिदान हो गए थे।
बलिदानी को स्मारक मिला न द्वार
चरणजीत कौर ने बताती हैं कि वह मूलरूप से तेपला के रहने वाले हैं। उनके पति नायक हरजिंद्र सिंह जो सेना में थे। वह आठ जून 2005 को देश के लिए बलिदान हो गए। इसके बाद 2006 से वह छावनी के वशिष्ठ नगर में रह रहीं हैं। पति को बलिदान हुए 20 साल होने वाले हैं लेकिन सरकार की तरफ से तक उनके बलिदानी पति का कोई स्मारक बना न द्वार। जबकि वे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं।
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सर्च ऑपरेशन में हुए थे बलिदान
चरणजीत कौर के अनुसार उनके पति नायक हरजिंदर सिंह 13 सिख रेजिमेंट में थे। वह जम्मू कश्मीर के पुंछ राजौरी में तैनात थे। सेना को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस दौरान सेना की टुकडी और उनके पति आतंकवादियों को पकड़ने के लिए गए थे। शाम का समय था, थोड़ी देर बाद ही अंधेरा छा गया। इसके बाद आंधी शुरू हो गई। इस दौरान आतंकवादियों और सैनिकों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। रात भर सेना का सर्च ऑपरेशन चला, आधी रात के समय तीन सैनिक बलिदान हो गए। सुबह सात बजे आतंकियों द्वारा किए गए ब्लास्ट में उनके पति नायक हरजिंदर सिंह भी बलिदान हो गए।
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