संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के अलावा उन्हें इनोवेटर बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले के सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) केवल नाम की नहीं, बल्कि काम की लैब होंगी। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने निर्देश दिए हैं कि हर स्कूल के टाइम-टेबल में एटीएल का पीरियड अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
नवाचार के लिए लैब का औचक निरीक्षण
डीईओ सुधीर कालड़ा ने मंगलवार को सिटी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रेमनगर और पुलिस लाइन स्थित राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लैब में मौजूद उपकरणों के स्टॉक रजिस्टर को खंगाला और उपकरणों के रखरखाव का जायजा लिया। जिले के 27 सरकारी विद्यालयों में स्थापित इन लैबों के प्रभावी संचालन के लिए यह अभियान छेड़ा गया है।
शिक्षकों से बोले डीईओ: इसे मिशन'''''''' की तरह लें
निरीक्षण के दौरान डीईओ ने कंप्यूटर विज्ञान के पीजीटी और टीजीटी शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया कि इस योजना को केवल सरकारी खानापूर्ति न समझें। उन्होंने कहा, यह उनके विद्यालय की पहचान और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मिशन है। आने वाला समय उन्हीं का है, जो रोबोटिक्स, एआई, 3-डी डिजाइनिंग और कोडिंग जैसे आधुनिक कौशलों में पारंगत होंगे।
प्रयोग के बिना संसाधन व्यर्थ
डीईओ ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं, लेकिन इनका लाभ तभी है, जब विद्यार्थी नियमित इनका उपयोग करें। उन्होंने बल दिया कि प्रशिक्षित शिक्षक ही इन लैबों की वास्तविक शक्ति हैं। वे अपने अनुभव से अन्य स्कूलों को भी नवाचार के लिए प्रेरित करें।
सुपर-100 परीक्षा का भी लिया जायजा
डीईओ कालड़ा ने पुलिस लाइन स्थित विद्यालय में आयोजित सुपर-100 परीक्षा का भी मुआयना किया। इसमें जिले भर के 100 चयनित विद्यार्थियों में से 81 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। डीईओ ने उम्मीद जताई कि यदि शिक्षक पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगे, तो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जल्द ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
अंबाला सिटी के सुपर 100 परीक्षा के दौरान निरीक्षण करते डीईओ। प्रवक्ता