फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: नौरंगराय तालाब और महावीर पार्क के जीर्णोद्धार में भ्रष्टाचार के आरोप

विज्ञापन
नौरंगराय तालाब पर जालियां टूटी हुई। प्रवक्ता - फोटो : kathua
विज्ञापन
अंबाला सिटी। धार्मिक महत्व वाले नौरंगराय तालाब और महावीर पार्क के जीर्णोद्धार पर कांग्रेस से शहर विधायक और पूर्व मंत्री चौधरी निर्मल सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसके लिए मंगलवार काे एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में जांच की मांग उठाई है।
विज्ञापन

पत्र में निर्मल सिंह ने इन परियोजनाओं में लाखों रुपये के घोटाले, घटिया सामग्री के उपयोग और मापदंडों की अनदेखी के गंभीर आरोप मढ़े। निर्मल सिंह ने अपने पत्र में लिखा, पिछले 10 वर्षों से भगवान नौरंगराय पवित्र प्राचीन सरोवर और श्री महावीर पार्क के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन इन कार्यों की गुणवत्ता और निष्पादन की स्थिति शर्मनाक है।
घटिया सामग्री का उपयोग, निर्माण में मापदंडों की अनदेखी और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग इस बात का प्रमाण है कि इन परियोजनाओं को कुछ अधिकारियों, राजनेताओं और ठेकेदारों ने मिलकर लूट का अड्डा बना लिया है।
विज्ञापन


सरकार पर साधा निशाना

विधायक निर्मल सिंह ने हरियाणा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि सरकार को जनता और उनकी धार्मिक आस्था के हितों की रक्षा करनी चाहिए, वह मूकदर्शक बनकर देख रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों इन कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और क्यों बार-बार एक ही ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया।
विज्ञापन






दस साल में तीन करोड़ का काम 13 करोड़ तक पहुंचा



-नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी।

-उस समय बजट 3 करोड़ रुपये तय किया गया था।

-बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया था।

-2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था।

-यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया।

-इसके बाद 1 करोड़ का बजट दोबारा स्वीकृत किया गया था। ऐसे में बजट कुल 13 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

-अब यहां नौरंगराय तालाब का गेट लग चुका है। फर्श का पत्थर लग चुका है और स्टील की ग्रिल भी लगाई गई है।

यह काम है अधूरा

-तालाब में चारों तरफ लगाई गई जालियां टूट चुकी हैं। इसकी गुणवत्ता पर सवाल है।

-तालाब के भीतर का काम भी अधूरा है।

-तालाब के आसपास भारी मात्रा में गंदगी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें