अंबाला सिटी। पढ़ाई के बाद नौकरी के पीछे-पीछे भागना और फिर नौकरी न मिलने पर मानसिक तनाव में आना। शायद युवाओं की नीयत बन चुका है। लेकिन गांव रतनहेड़ी के 22 वर्षीय साहिल भागली ने अलग ही रास्ता चुना और वो कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। अब वह न केवल युवाओं के लिए आदर्श बन गया है बल्कि पूरे गांव में आसपास के क्षेत्र में वह रोल मॉडल बन गया है।
दरअसल वह आर्गेनिक कृषि क्षेत्र में अपना करियर बना रहे है। पिछले डेढ़ साल की मेहनत से ही उन्होंने कृषि क्षेत्र में अपना वर्चस्व हासिल कर लिया और केंचुआ खाद का व्यापार कर प्रतिमाह 50 हजार रुपये के करीब कमा रहे हैं। इससे गांव रतनहेड़ी के साथ अन्य गांव में भी उनका नाम है। वहीं उनके द्वारा लगाई जा रही आर्गेनिक सब्जियों और फसल की भी गांव से लेकर शहर तक अच्छी डिमांड रहती है। जिससे वह अच्छी कमाई कर रहे हैं। साहिल ने बताया कि वह आगे भी इसी क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाएंगे।
पेस्टीसाईड के नुकसान सुन लिया फैसला, 19 वर्ष की उम्र में शुरू किया खाद बनाने का काम
साहिल ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र कुमार भी खेती बाड़ी का काम ही करते हैं। इसलिए फसलों में डालने के लिए आए दिन पेस्टीसाइड और अन्य रासानिक खाद आती रहती थी। जिसका उनके साथ साथ सभी के शरीर पर बहुत नुकसान होता था। इसके बाद उन्होंने आर्गेनिक खाद बनाने का निर्णय लिया और 19 वर्ष की उम्र में ही केपीके तेपला से इंजीनियर गुरुप्रेम, डॉ. राजेंद्र, डा. अमित से केंचुआ खाद बनाना सीखा और केंचुआ खाद बनाने की शुरूआत की। शुरू में तो उन्होंने थोड़ी सी खाद बनाई थी और उससे सब्जियां उगाई। जिसका उन्हेेें बहुत अच्छा परिणाम मिला। इसके बाद उनसे अन्य किसानों ने खाद की डिमांड करनी शुरू कर दी तो उन्होंने खाद बेचने का निर्णय किया। खाद का अच्छा काम देखते हुए उन्होंने 21 वर्ष की उम्र में प्लांट तैयार कर दिया जहां वह एक बार में 50 क्विंटल खाद का उत्पादन कर रहे हैं। अब उन्होंने खाद को टेस्टिंग के लिए गाजियाबाद भेजा है। जहां से खाद पास होने के बाद वह इसे अन्य राज्यों में बेच सकेंगे, साथ ही बताया कि अब उनकी आर्गेनिक सब्जी एवं फसल की भी बहुत डिमांड है और सब्जी बेचने के लिए उन्हें मंडी तक भी नहीं जाना पड़ता है।
नर्सरी लगाने की कर रहे तैयारी
साहिल ने बताया कि वह अब नर्सरी लगाने की तैयारी रह रह है। जिसका आधे से अधिक कार्य पूरा हो भी गया है। जबकि शेष कार्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। जिसमें वह आर्गेनिक फल एवं सब्जियों के पौधे तैयार करेंगे और उन्हें बेचने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका यह प्रोजेक्ट अभी शुरूआती दौर में है। जल्द ही उसे पूरा कर कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कार्य किया जाएगा।