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ट्विनसिटी के सराफा बाजार बंद, सड़कों पर कारोबारी

Thu, 03 Mar 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला, ब्यूरो/अंबाला
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 इस दौरान जहां सराफा कारोबारी सड़कों पर उतर आए, वहीं उपभोक्ताओं ने भी उनके विरोध का समर्थन किया। यह हड़ताल स्थानीय सराफ कारोबारियों ने आल इंडिया सराफ एसोसिएशन के आह्वान पर की।इस दौरान अंबाला सिटी व अंबाला कैंट में सराफ कारोबारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। पूरा दिन सराफ कारोबारियों ने दुकानें बंद रखी और सड़कों पर तंबू गाड़कर बैठे रहे। सराफ कारोबारियों की एसोसिएशन के पदाधिकारियोंने साफ कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस मसले पर कोई फैसला नहीं लेते, तब तक वह हटने वाले नहीं है, भले ही उन्हे अपनी इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन करना पड़े।
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अंबाला में हैं बड़े सराफा बाजारउल्लेखनीय है कि अंबाला सिटी का सराफा बाजार हरियाणा में सबसे बड़ा सराफा बाजार है, जहां हजारों सोने के जेवर बनाने वाले कारीगर और सैंकड़ों सोने के जेवर का कारोबार करने वाले सराफ मौजूद है। इसी तरह अंबाला कैंट का सराफा बाजार में भी सराफों की सैंकड़ों छोटी-बड़ी दुकानें मौजूद है। अंबाला सिटी का सराफा बाजार काफी पुराना है। ट्विनसिटी के सराफा बाजारों में रोजाना अच्छी खासी मात्रा में सोने के जेवरों की खरीद-फरोख्त होती है।
इसलिए नाराज है सराफ कारोबारीअंबाला सिटी व कैंट के सराफ कारोबारी दरअसल, सोने के जेवरों पर लगाई गई एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगने से खफा है। दरअसल, ऐसा ही वर्ष 2005 और 2012 में भी आम बजट के दौरान किया गया था। लेकिन उस वक्त भी देशभर के सराफ कारोबारी एकजुट होकर सड़कों पर आ गए थे। वर्ष 2012 में 22 दिन की हड़ताल के बाद में आखिरकार सरकार को कारोबारियों के आगे झुकना पड़ा था। इस आम बजट में भी गहनों पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का सरकारी फैसला दोहराया गया। जिसके खिलाफ सराफ कारोबारी लामबंद है।कारोबारियों का कहना है कि 29 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में रखे गए बजट में गहनों पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव किया है जो सोना कारोबारियों को स्वीकार नहीं है। इस प्रस्ताव से सोना कारोबारी खफा है और आज से तीन दिन के लिए दुकानें बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। सोना कारोबारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की और आग्रह किया कि वे प्रस्तावित कानून को वापस करवाएं। उनका कहना है कि सरकार ने यह कानून सराफों का शोषण करने के लिए लगाया है अगर सरकार कमाई बढ़ाना चाहती है तो वैट या टैक्स इसका उचित माध्यम है, लेकिन सोना कारोबार पर यह कानून स्वीकार नहीं है। 
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अंबाला सिटी में हड़ताल का असरअंबाला सिटी में सोने के गहनों पर लगाइ गई एक्साइज डयूटी के विरोध में सर्राफा कारोबारियों ने तीन दिवसीय बंद के दौरान बुधवार को पहले दिन सिटी के सर्राफा बाजार में धरना दिया और जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। प्रधान नरेश अग्रवाल की अध्यक्षता में सर्राफा एसोसिएशन अंबाला सिटी के सदस्यों ने प्रस्तावित एक्साइज डयूटी को वापिस लेने की मांग की। बुधवार को सिटी के सोना कारोबारियों ने तमाम दुकानें बंद रखी और विरोध जताया। एसोसिएशन के प्रधान ने चेतावनी दी कि अन्यथा तीन दिन की यह हड़ताल अनिश्चितकाल में बदल जाएगी। एसोसिएशन के उपप्रधान मुकेश सिंगला ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ सराफ कड़े संघर्ष के मूड में हैं।  इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव सुमित जैन, प्रवक्ता राजेश लूथरा, कोषाध्यक्ष राजीव जैन, सुनील मल्होत्रा, स्वपन जैन, कुलदीप जैन, मनोज जैन, अमित जैन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सिटी में लगभग सभी दुकानें बंद ही रही। 
अंबाला कैंट में हड़ताल का असरअंबाला कैंट के सराफा बाजार में सराफा एसोसिएशन कैंट के बैनर तले सड़क पर तंबू गाड़कर धरना दिया गया।  कारोबारियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। एसोसिएशन के चेयरमैन कुलभूषण विंदलास, प्रधान विजय विंदलास, महासचिव विजय अग्रवाल व कोषाध्यक्ष सरवन अग्रवाल ने बताया कि इस फैसले से इंस्पेक्टर राज बढ़ेगा और मजबूरन ग्राहकों को भी महंगे गहने देने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि यदि सरकार टैक्स बढ़ाना चाहती है तो सोने के उत्पादन के आरंभिक सोर्स पर लगाए, ताकि पीछे से ही सोने के टैक्स में वृद्धि सामने आए। लेकिन सोने के जेवरों पर एक्साइज लगाने का तो कोई मतलब ही नहीं है। उनके अनुसार इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा।  इस अवसर पर सीनियर वाइस प्रेजीडेंट रामेश्वर प्रसाद, उप प्रधान दीपक अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य नलीन कुमार, अजय अग्रवाल, मोहन लाल जैन, भरत भूषण व रविंद्र गर्ग  समेत काफी संख्या में कारोबारी उपस्थित रहे। 
महिलाएं भी चाहती हैं सस्ते गहनेग्राहक कंचन लांबा, डाक्टर सोनिका सिंह, मलकीत कौर, संतोष रानी व आरती, रीटा बहल व सुखविंद्र कौर का कहना है कि वैसे ही महंगाई ने कमर तोड़ रखी है, ऊपर से सोने के जेवर भी महंगे हो गए हैं। सोना वैसे ही महंगा चल रहा है, ऊपर से जेवरों पर एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई है। महिलाओं के अनुसार हमें नहीं पता इससे सराफा कारोबारियों को क्या नुकसान होगा, लेकिन हम इतना चाहते हैं कि महिलाओं को गहने सस्ते मिलने चाहिए। क्योंकि सोने को लेकर एक इन्वेस्टमेंट के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।
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