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बेखौफ कब्जेधारी, मौन अफसर, फिर सड़कों पर सजी दुकानें

Sun, 14 Feb 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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हाईकोर्ट के आदेश पर कैंट के कुछ बाजारों से अवैध पक्के कब्जे हटवाए गए हैं, जबकि अन्य बाजारों से भी म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) ने जुलाई तक अवैध पक्के हटवाकर हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट देनी है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर जिन बाजारों से एमसीए ने अवैध पक्के कब्जे हटवाए हैं, उन बाजारों की तस्वीर महज कुछ ही दिन में फिर से पुराने ढर्रे पर लौट रही है।
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कब्जे हटवाने के बाद जहां एमसीए अफसरों ने इन बाजारों का दोबारा जायजा लेना भी उचित नहीं समझा है, वहीं इसी का फायदा उठाकर बाजारों में दुकानदार फिर से सड़कों और नालों पर काबिज हो गए हैं। बाजारों में स्थिति यह है कि अपनी दुकानें होने के बावजूद दुकानदारों ने फिर से सड़कों पर दुकानें सजा ली है और पक्के थड़े बनाकर सड़कों को अपने कब्जे में ही रखा हुआ है। नतीजा यह कि आज भी बाजारों में यातायात पहले की तरह ही उथल-पुथल है।
सड़कों पर बाइस फीट तक है अस्थायी कब्जे
लोगों को उम्मीद थी कि जिन बाजारों में हाईकोर्ट के आदेश पर पक्के कब्जे हट गए हैं, वो बाजार अब खुले जाएंगें, वहां यातायात सुचारु हो जाएगा और वाहनों से उनकी आवाजाही भी सुलभ हो जाएगी, लेकिन वास्तविकता इन सभी से परे हैं। दरअसल, कब्जे तो हट गए, लेकिन बाजारों में दुकानदारों ने सड़कों से अपना अस्थायी कब्जा नहीं छोड़ा है।
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आलम यह है कि दुकानदारों ने सड़कों पर ही अपने थड़े, पक्के फर्श अभी भी बनवा रखे हैं। सुबह होते ही अपनी मूल दुकानें छोड़कर ये दुकानदार सड़कों पर अपनी अस्थायी दुकानें शान से सजाकर बैठ जाते हैं। कपड़ा-हनुमान मार्केट में तो अभी भी दोनों ओर 22 फीट सड़क पर दुकानदारों का ही अस्थायी कब्जा है। जबकि  चौड़ा बाजार, राय मार्केट, ईदगाह रोड, रेलवे रोड, सदर बाजार, गुड़ बाजार, बजाजा बाजार, सराफा बाजार, न्यू सदर बाजार, निकलसन रोड मार्केट, पंसारी बाजार, सौदागार बाजार, हलवाई बाजार, रामबाग रोड मार्केट, हिल रोड मार्केट, सब्जी मंडी मार्केट, दाल बाजार, अनाज मंडी मार्केट में भी दुकानदारों ने सड़कों दस से पंद्रह फीट तक दोनों ओर से अस्थायी कब्जे किए हुए हैं। इसी वजह से भले ही एमसीए अफसरों ने हाईकोर्ट के आदेश पर कुछेक बाजारों के दुकानदारों के पक्के कब्जे हटवा दिए हों, लेकिन उतने ही हिस्से में आज भी दुकानदार अस्थायी दुकानें लगाकर काबिज हैं।
मंत्री, कमिश्नर से मांग, सख्ती करें, तभी मिलेगी राहत
आम जनता ही नहीं, बाजारों में कई जिम्मेदार दुकानदार भी चाहते हैं कि एमसीए कमिश्नर और मंत्री बाजारों में कई-कई फीट अस्थायी और स्थायी कब्जों का जायजा लें और थोड़ी सख्ती करें। ताकि लोगों और कब्जे न करने वाले दुकानदारों को राहत मिले। दवा कारोबारी संजीव गुप्ता, इलेक्ट्रानिक कारोबारी सूरज कुमार, राजीव, आशीष जौली, विनोद कुमार और अनिल कुमार, मोहित जैन का कहना है कि बाजारों में कई दुकानदार ऐसे हैं, जो सरकारी जमीन और नाले न छोड़ने की जिद पर अड़े हुए हैं। ऐसे ही दुकानदारों की वजह से बाजारों का माहौल डिस्टर्ब रहता है और लोगों को जाम जैसी स्थिति से निपटना पड़ता है। उनके अनुसार यदि एमसीए के अफसर ही सख्ती करें, तो  ऐसे माले हाईकोर्ट में जाने का मतलब ही नहीं है। दरअसल, जब अफसर मौन हो जाते हैं, तभी ऐसे मामले हाईकोर्ट तक जाते हैं।
समाज सेवी  अत्तर सिंह, खुशबीर सिंह दत्त, राजबीर सिंह, अनिल श्रीवास्तव, नरेश मित्तल व सुनील वर्मा कहते हैं कि बड़ी हैरानी और एमसीए के अफसरों और कर्मचारी के लिए ये शर्म की बात है कि बाजारों से अवैध कब्जे हटवाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका डालनी पड़ी। यदि एमसीए अफसर और कर्मचारी यहीं अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाते, इन कब्जों को शुरुआत दौर में ही हटा देते, तो ये नौबत ही न आती। लेकिन आज भी एमसीए अफसर और कर्मचारी अपने ढुलमुल रवैये के चलते मौन बैठे हैं और बाजारों में फिर से अस्थायी कब्जे शुरू हो गए हैं, जो धीरे-धीरे पक्के कब्जों में तबदील हो जाएंगें और बाजार फिर से सिकुड़ जाएंगें।
अगली पेशी पर हाईकोर्ट में करूंगा शिकायत: बेदी
बाजारों से कब्जे हटवाने के मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने वाले एडवोकेट एसकेएस बेदी ने कहा कि वे बाजारों की स्थिति देख रहे हैं, दुकानदार आज भी सड़कों और नालों पर दुकानें सजाकर बैठे हैं, इस बारे मेें वह पहले एमसीए कमिश्नर को नोटिस भेजेंगे और फिर भी यदि प्रशासन सड़कों और नालों से अवैध कब्जे व अतिक्रमण हटाने में सफल नहीं हुआ तो पूरे बाजार की वीडियोग्राफी के साथ अगली पेशी पर वे एमसीए अफसरों की शिकायत हाईकोर्ट में सौंपेंगे। दूसरा, हाईकोर्ट ने जुलाई तक सभी बाजारों से अवैध कब्जे हटवाने के आदेश दिए हैं, एमसीए अफसर इसकी भी जल्द तैयारी करें, क्योंकि बाजारों की फेहरिस्त और कब्जों की संख्या बहुत ज्यादा है।
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जहां से कब्जे हटवाए गए हैं, उन बाजारों को लेकर एमसीए गंभीर है। बाजारों में नालों से भी कब्जे हटवा जाएंगें और अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान छेड़ा जाएगा। इसके लिए एमसीए की प्लानिंग चल  रही है, इस पर जल्द ही कार्रवाई होगी।
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-अजय सिंह तोमर, एमसीए कमिश्नर-
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