महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने गांवों में जागरूकता कार्यक्रम बताया लिंगानुपात में सुधार का मुख्य कारण
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। जिले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगा है। अंबाला जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयास से जिले में लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार साल 2026 के जनवरी और फरवरी महीने में ही लिंगानुपात 1000 का आंकड़ा पार कर चुका है। फरवरी में लिंगानुपात 1018 तक पहुंच गया है। यह इसलिए भी सुखद हो जाता है क्योंकि बीते कुछ समय से लिंगानुपात की स्थिति खराब हो रही थी। तीन वर्ष बाद यह सबसे बड़ा सुधार है।
कम लिंगानुपात वाले गांवों पर दिया ध्यान
महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि इसके पीछे गांवों में जागरूकता कार्यक्रम मुख्य सुधार का कारण बना है। जिले के उन गांवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां लिंगानुपात का आंकड़ा पहले काफी कम था। अधिकारियों के अनुसार जागरूकता अभियानों और सख्त निगरानी के चलते अब लोग बेटियों के जन्म को लेकर अधिक सकारात्मक हुए हैं। इस कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रमुख भूमिका निभाई।
तीन वर्षों में लिंगानुपात की स्थिति
विभाग की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में लिंगानुपात को लेकर निरंतर सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। साल 2023 में लिंगानुपात 919 पर था। इसके बाद साल 2024 में 913, साल 2025 में 926 तो इस साल फरवरी तक लिंगानुपात बढ़कर 1018 पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष से तुलना की जाए तो वर्ष 2025 में जनवरी में लिंगानुपात 897 दर्ज किया गया था जबकि इस बार जनवरी में 1018 रहा। इसी प्रकार पिछले वर्ष फरवरी में 977, मार्च में 833, अप्रैल में 870, मई में 864 लिंगानुपात दर्ज किया था। इसके बाद सितंबर 2025 से लिंगानुपात में कुछ सुधार शुरू हुए थे। मगर अक्तूबर और नवंबर में फिर हालात खराब हो गए। इसके बाद दिसंबर 2025 के बाद जनवरी लिंगानुपात के लिए अच्छे रहे। लिंगानुपात को आमतौर पर प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या के रूप में मापा जाता है।