शहजादपुर। मुख्य बाजार में कंडम दो दुकानों को खाली करवाने के लिए पंचायत व प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ नारायणगढ़ संजय टांक व पुलिस की मौजूदगी में कंडम भवन को गिरा दिया गया। दुकानदारों को कई नोटिस दिए गए, लेकिन उन्होंने दुकान को खाली नहीं किया। पीडब्ल्यूडी विभाग ने वर्ष 2022 में इन दुकानों कंडम घोषित कर दिया था।
दरअसल 26 मई को ड्यूटी मजिस्ट्रेट मार्किट कमेटी शहजादपुर के सचिव व पुलिस की मौजूदगी में पंचायत द्वारा दोनों दुकानों का कब्जा लिया था। बावजूद इसके अगले दिन ही दिन एक दुकानदार ने दुकान के शटर के कुंडों को तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया था। इसकी सूचना ग्राम सरपंच रविंद्र कुमार को मिली तो उन्होंने पुलिस को शिकायत की थी।
ग्राम सरपंच सहित सभी पंचायत सदस्य मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग करते हुए बाजार में धरने पर बैठ गए थे। बीडीपीओ शहजादपुर की शिकायत मिलने के बाद तीन महिलाओं सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और मौके से तीन महिलाओं सहित चार लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद पंचायत ने दोनों दुकानों के कंडम भवन की नियमानुसार नीलामी करवाई थी। उन्होंने बताया कि जब ठेकेदार भवन को गिराने का काम शुरू करने लगा तो वर्षों से काबिज एक दुकानदार, जिनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था, आकर ठेकेदार को धमकाने लगा और भवन को नहीं गिराने दे रहा था। जब मामला एसडीएम नारायणगढ़ के पास पहुंचा तो आदेश जारी किए गए।