अंबाला। बहुचर्चित धोखाधड़ी के मामले में आठ साल बाद कोर्ट ने मुख्य आरोपी को सजा सुनाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) अक्षय अरोड़ा की अदालत ने मुख्य दोषी गुरतेज सिंह को दो साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने यह फैसला 11 नवंबर को गुरतेज सिंह को धोखाधड़ी के तहत दोषी ठहराए जाने के दो दिन बाद सुनाया।
सुनवाई के दौरान दोषी गुरतेज सिंह ने अदालत के सामने दलील दी कि वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला है, उसके पिता बीमार रहते हैं और पत्नी-पिता उसी पर आश्रित हैं। इसलिए उसे सजा में नरमी का लाभ दिया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को नरमी का लाभ देने से इनकार कर दिया। अदालत ने दोषी को ऊपरी अदालत में अपील दायर करने के लिए उसकी सजा को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इस अवधि के लिए, गुरतेज सिंह को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया है। गुरतेज सिंह को 12 दिसंबर तक अपीलीय अदालत में अपनी अपील दायर करनी होगी और वहां से जमानत सुनिश्चित करनी होगी। यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे अपनी सजा काटने के लिए इस अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। धोखाधड़ी का यह मामला अंबाला सदर पुलिस स्टेशन में 8 जून 2017 को दर्ज किया गया था। इसी मामले में अमरजीत सिंह और सुखविंदर सिंह को 11 नवंबर को बरी कर दिया गया था।