संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। नवरात्रि से लेकर धनतेरस तक इस त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छह बार मिठाई की दुकानों पर दबिश दी। इस दौरान खाद्य पदार्थों के 62 सैंपल भी भरे। जिन्हें जांच के लिए करनाल स्थित प्रयोगशाला में भेेजा गया है। दीपावली के बाद ही पता चल सकेगा कि लोगों ने मिलावटी मिठाइयां खाईं या सही। क्योंकि प्रदेश में दो ही जांच प्रयोगशालाएं हैं, जिनमें एक चंडीगढ़ व एक करनाल में स्थापित है। प्रदेश में अधिकांश जिलों से खाद्य पदार्थाें में सैंपल करनाल स्थित लैब में भेजे गए हैं। ऐसे में यह लैब दीपावली के बाद ही सैंपलों की जांच रिपोर्ट दे सकेगी। पिछली बार भी दीपावली के बाद ही खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच रिपोर्ट आ सकी थी।
खराब मिला था रसगुल्ला फिकवाना पड़ा
छह बार मिठाई की दर्जनों दुकानों पर दबिश देने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई प्रकार खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे। जिसमें मावा, बर्फी, काजू कतली, रसगुल्ला, गुलाबजामुन, कलाकंद आदि मिठाईयां शामिल रहीं। शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक जांच पड़ताल विभाग ने की। इसमें अंबाला कैंट में एक रसगुल्ला की फैक्टरी मिली थी, जहां खराब रसगुल्ला रखा था। यहां 100 किलो रसगुल्ला को फिकवाया गया था। वहीं पनीर व दूध के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं, इससे पहले नवरात्र के समय भी कुट्टू के आटे, सिंघाड़ा व अन्य प्रकार के खाद्य पदार्थ के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
एक ही अधिकारी के पास दो जिले
अंबाला के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पास अंबाला के अलावा पंचकूला की भी जिम्मेदारी है, इसके साथ ही वीवीआईपी मूवमेंट में भी उनकी ड्यूटी रहती है। ऐसे में त्योहारी सीजन में एक साथ दोनों जिलाें में जांच करना भी मुश्किल हो जाता है।
कब-कब सैंपल भरे
22 सितंबर- 6 सैंपल
29 सितंबर- 6 सैंपल
9 अक्तूबर- 5 सैंपल
13 अक्तूबर- 10 सैंपल
15 अक्तूबर- 9 सैंपल
17 अक्तूबर- 6 सैंपल
अंबाला में छोटी बड़ी मिठाइयों की दुकानों को मिलाकर कुल 62 सैंपल जांच के लिए करनाल भेजे हैं, इनकी रिपोर्ट त्योहार के बाद ही पता चलेगी।
- डॉ. आजाद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी