संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की किल्लत के बाद अब पांच किलो वाले छोटे सिलिंडरों का भी संकट हो गया है। इनका एजेंसियों के पास स्टॉक खत्म हो चुका है। इससे श्रमिक और अन्य जरूरतमंद उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि गोदाम में स्टॉक खत्म है। मुख्य कंपनी से भी आपूर्ति नहीं मिल रही है।
एजेंसी के अनुसार, रोजाना आठ से दस उपभोक्ता पांच किलो के सिलिंडर रिफिल कराने के लिए एजेंसी पर पहुंचते थे। इनमें ज्यादातर वे लोग होते हैं जो किराए पर अकेले रहते हैं या फिर छोटे कार्यों के लिए कम गैस का उपयोग करते हैं। कुछ दिनों से स्टॉक न होने के कारण इन उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। श्रमिक और अकेले रहने वालों को ज्यादा दिक्कत : छोटे सिलिंडरों की कमी का सबसे अधिक असर श्रमिक वर्ग और प्रवासी मजदूरों पर पड़ रहा है। ये लोग बड़े सिलिंडर खरीदने के बजाय छोटे सिलिंडरों के जरिए ही गुजारा करते हैं।
अब बाजार में इनकी उपलब्धता न होने से उन्हें भोजन बनाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी स्तर पर सप्लाई बाधित होने के कारण यह समस्या गहराती जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जब तक पीछे से सप्लाई नहीं आती तब तक स्थिति सामान्य होना मुश्किल है। ऐसे में उपभोक्ताओं को महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं।
डीएफएससी निशांत राठी ने कहा कि छोटे गैस सिलिंडर आ रहे हैं। हमने आज स्टॉक पोजीशन मंगवाई है। सेल्स ऑफिसर से भी कल तक का डाटा मंगवाया है। अगर कहीं शॉर्टज है तो सिलिंडर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।