संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैबिनेट मंत्री अनिल विज की ओर से जनता दरबार और जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाने के बाद प्रशासन में हड़कंप है। विज के निर्देशों और लंबित प्रोजेक्ट्स पर जताई गई नाराजगी का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में मंत्री विज की ओर से गठित नवनियुक्त 4 सदस्यीय कमेटी तुरंत एक्शन मोड में आ गई है।
कमेटी के सदस्यों ने नगर परिषद सचिव और बिल्डिंग ब्रांच के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अंबाला छावनी में चल रहे तमाम विकास कार्यों और लंबे समय से अटके पड़े प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद सहित कमेटी सदस्य संजीव सोनी, स. बीएस बिंद्रा, स. जसबीर सिंह जस्सी एवं मदन लाल शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र सिंह सहित नगर परिषद सचिव, बिल्डिंग ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान कमेटी सदस्यों ने साफ किया कि कैबिनेट मंत्री अनिल विज की मंशा के मुताबिक विकास कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो प्रोजेक्ट्स तकनीकी कारणों या प्रशासनिक सुस्ती के कारण लंबित पड़े हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करवाने की रूपरेखा तैयार की गई अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बिल्डिंग ब्रांच और विकास कार्यों से संबंधित फाइलों को अनावश्यक रूप से न अटकाया जाए और ठेकेदारों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के आदेश दिए जाएं।
पारदर्शिता और गुणवत्ता से समझौता नहीं
कैबिनेट मंत्री अनिल विज का स्पष्ट निर्देश है कि जनता के पैसों से हो रहे विकास कार्यों में शत-प्रतिशत पारदर्शिता और गुणवत्ता होनी चाहिए। जो काम किसी वजह से रुके हुए हैं, उन्हें समयबद्ध सीमा में पूरा करवाया जाएगा।
स.बीएस बिंद्रा, कमेटी प्रतिनिधि।
अंबाला छावनी के नगर परिषद कार्यालय में मंत्रणा करते कमेटी सदस्य। संवाद