अंबाला कैंट। बुधवार को डीसी अंबाला बाढ़ नियंत्रण के इंतजाम देखने के लिए निकले तो टांगरी में बने मकानों को देखकर हैरान हो गए। इस दौरान आए अधिकारियों से डीसी ने साफ कहा कि इसकी रिपोर्ट एक दिन में सारे रिकार्ड के साथ भेजी जाए। इस मामले में नियम अनुसार कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।
डीसी डॉ. साकेत कुमार बुधवार को प्रशासनिक अमले के साथ बाढ़ नियंत्रण कार्यों का जायजा लेने के निकले थे। बब्याल क्षेत्र से महेश नगर होते हुए वे टांगरी नदी पर पहुंचे। यहां पर वे टांगरी नदी में बने निर्माण को देखकर ही हैरान रह गए। पहले तो उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि यह निर्माण कैसे किया है, जिस पर अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर हालांकि अधिकारी यही कह सके कि इसे एक बार तोड़ा गया था, लेकिन अब मामला अदालत में है। इसी पर डीसी ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्माण के मामले में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी बताया जाए कि टांगरी नदी के दोनों ओर बने भवन निर्माण नगर निगम की स्वीकृति से बने हैं या अवैध रूप से भवनों का निर्माण हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट एक दिन में दें और इस मामले में नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हर साल होते हैं बाढ़ जैसे हालात
बाढ़ को लेकर प्रशासन बेशक अपने दावे करता है, लेकिन हर साल ट्विनसिटी मानसून में बाढ़ जैसे हालात झेलती है। जिला अंबाला चार बार बाढ़ की विभीषिका झेल चुका है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक हालातों में सुधार नहीं हुआ है। सिटी कपड़ा मार्केट, जगाधरी गेट, कचहरी रोड, मानव चौक, मोटर मार्केट, नाहन हाउस, दुर्गा नगर आदि में दुकानों अथवा घरों में पानी घुस जाता है। इसी तरह कैंट के चूना चौक, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, दुर्गा नगर, टांगरी नदी किनारे बसी कॉलोनियां, महेश नगर क्षेत्र में भी बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
अतिक्रमण के कारण है हालात
ट्विनसिटी में अतिक्रमण इस कदर है कि जलभराव जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। बाजारों से नाले गायब हैं और इनकी सफाई नहीं हो पाती। कैंट और सिटी में यह नाले दिखाई ही नहीं देते। नालों का जो हिस्सा खुला है, वहां तो सफाई हो जाती है, लेकिन जिन हिस्सों में नालों पर कब्जा किया है, वह साफ नहीं हो पाते।
इन क्षेत्रों में किया डीसी ने दौरा
डीसी ने बुधवार को कैंट के बब्याल ड्रेन और वाटर डिस्पोजल पंप, महेश नगर ड्रेन, टांगरी नदी, गुड़गुड़िया नाले, नन्हेड़ा में पंप हाउस का निरीक्षण किया। इसी तरह मॉडल टाउन पंपिंग स्टेशन, ईंको ड्रेन सहित अन्य सभी ड्रेनों, बनूड़्ी नाका, अंबाला ड्रेन का निरीक्षण किया।
इस दौरान एसडीएम अंबाला विनय प्रताप सिंह, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार शर्मा, डीडीपीओ आरके मौर, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता जगमोहन सिंह, कार्यकारी अभियंता एके रघुवंशी, राजेश टांक, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन बीडी भंखड, एमएस राणा, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता सुनील कुंडू, आरके कंसल, नगर निगम के कार्यकारी अभियंता एमआर शर्मा, कार्यकारी अधिकारी मनिंद्र सिंह, सचिव केके यादव आदि मौजूद रहे।
यह दिये निर्देश
* महेश नगर ड्रेन की सफाई करें और वहां गेट लगाकर इस पानी को पंप के रास्ते टांगरी नदी में डालने की योजना बनाई जाए
* नगर निगम गुड़गुड़िया नाले की सफाई करवाए
* कैंटोनमेंट बोर्ड तथा रेलवे अधिकारियों से तालमेल किया जाए
* सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग तथा नगर निगम अपने पंपों की समय रहते मरम्मत करवाएं
यह है दिक्कत
बब्याल ड्रेन में हंडेसरा पंजाब क्षेत्र से बरसात के दिनों में काफी मात्रा में पानी आता है। यह पानी महेश नगर में जाने से पहले कई रिहायशी क्षेत्रों में घुस जाता है। यही पानी काफी नुकसान पहुंचाता है। पिछले साल भी इसी से आये पानी ने महेश नगर में बाढ़ की अफवाह तक फैला दी थी।
बाढ़ नियंत्रण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानसून से पूर्व वे बाढ़ नियंत्रण सबंधी सभी कार्यों को पूरा करें। साथ ही टांगरी में हुए निर्माणों की रिपोर्ट भी नगर निगम से मांगी गई है कि इनका स्टेटस क्या है। ऐसे मामलों में कोताही नहीं बरती जाएगी। यदि लापरवाही पाई गई, तो नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. साकेत कुमार, डीसी अंबाला