विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने बुधवार का अंबाला जिला के विभिन्न राइस मिलों का दौरा करके 1509 किस्म के धान के स्टाक की जांच की। उनके साथ विधायक असीम गोयल, उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़, एसडीएम कैप्टन शक्ति सिंह, गगनदीप सिंह तथा खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारी व अन्य खरीद एजैंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में राईस मिलरों द्वारा दिए गए 1509 किस्म धान के चावल के सैंपल भी भरवाए और कहा कि इन सैंपलों की जांच से पता लगाया जायेगा कि वास्तव में यह चावल इसी किस्म के अथवा नहीं। उन्होंने स्पष्टï किया कि पूरी जांच के बाद ही सरकार को इस निरीक्षण और स्टॉक की जांच की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
उन्होंने आज अम्बाला-हिसार मार्ग स्थित महेश राईस सैलर, जैन कालेज रोड स्थित हरियाणा राईस सैलर और बराड़ा के राईस सैलरों में रखे गये 1509 किस्म के धान की जांच की। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा धान खरीद में घोटाले आरोप के उपरांत सरकार ने प्रदेश में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों से जांच करवाने के आदेश जारी किये हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 14 जिलों में 1509 किस्म की 1 लाख 72 हजार टन धान की खरीद की गई और इन सभी जिलों में प्रशासन द्वारा टीमें बनाकर राईस मिलों में स्टाक की चैकिंग करने के साथ-साथ मार्किट कमेटियों व खरीद एजैंसियों के रिकार्ड के साथ इसका मिलान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन राईस मिलों ने 1509 किस्म की मिलिंग करके चावल एफसीआई को दिया है उसका भी मिलान किया जा रहा है तथा एफसीआई के गोदामों से चावल के सैंपल लेकर इस बात की जांच की जा रही है कि वास्तव में यह चावल 1509 किस्म का है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि 24 सितम्बर को धान की सरकारी खरीद आरम्भ करने के समय 1509 किस्म का धान 1250 से 1300 रूपये प्रति ङ्क्षक्वंटल बिक रहा था और किसानों की मांग पर राज्य सरकार ने भारतीय खाद्य निगम से अनुरोध करके इस किस्म को न्यूनतम समर्थन मूल्य 1450 रूपये प्रति किवंटल के हिसाब से खरीदा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच तथा चावल की किस्म की लैबोरट्री जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।