स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि मेरे पास शिकायतें आ रही हैं कि निजी अस्पतालों में निर्धारित रेटों से अधिक बेडों के लिए चार्ज वसूल किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में भी ऐसी शिकायत मिल रही हैं कि दवाइयां उपलब्ध होने के बावजूद भी बाहर की दवाई लिखी जा रही है। ऐसे कार्यों पर नजर रखने की विशेष जरूरत है। ऐसे कार्य करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जनिए सभी उपायुक्तों के साथ जुड़े हुए थे। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मनोहर लाल कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महामारी के समय जिन दुकानों को खोलने की अनुमति है, वे अपनी दुकानों के बाहर गोल दायरे लगाना सुनिश्चित करें व अन्य नियमों की पालना भी करें। यदि नियमों की अवहेलना होती है तो तुरंत कार्रवाई करें। सब्जी मंडियों में आमजन को सब्जी न खरीदने दें, क्योंकि वहां पर अनावश्यक भीड़ हो जाती है, जिससे संक्रमण के फैलने का डर रहता है। पंजीकृत सब्जी वालों को ही सब्जी खरीदने की अनुमति दें ताकि वे गलियों में जाकर सब्जियां बेच सकें।
कोविड के मरीजों की वास्तविक डिटेल भी मांगी
विज ने यह भी कहा कि कोविड के कितने मरीज दाखिल हैं, कितने यहां से हैं और कितने बाहर के हैं, उसकी वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट भी मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। होम आइसोलेशन किट में जो सामान दिया जाना है, वह संपूर्ण दिया जाए, इस बात का भी ध्यान रखें। सिविल सर्जन को उन्होंने टेस्टिंग बढ़ाने व आरटीपीसीआर के तहत होने वाले टेस्ट की रिपोर्ट भी जल्द लोगों को मिले, इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। विज ने बताया कि शहरों में 62 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्र में 38 प्रतिशत कोरोना संक्रमण है। उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में इस महामारी के समय में स्वास्थ्य विभाग, पैरा मेडिकल स्टाफ, निकाय कर्मी, पुलिसकर्मी व अन्य संबंधित विभाग जो कार्य कर रहे हैं, वे उससे पूरी तरह से संतुष्ट हैं।