फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलाज में कोताही पर नपेंगे स्पेशलिस्ट डाक्टर

Sun, 22 Jun 2014 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। सरकारी अस्पतालों में अब स्पेशलिस्ट डाक्टरों की परफोरमेंस पर नजर रखी जाएगी। स्पेशलिस्ट डाक्टर की ओर से किए गए आपरेशन, ओपीडी और डाक्टरों को सौंपे स्पेशल कामों पर अस्पतालों के प्रिंसिपल मेडिकल अफसर नजर रखेंगे।
विज्ञापन


वे विशेषज्ञ डॉक्टरों की परफारमेंट के संबंध में अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय को भेजेंगे। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अफसरों को निर्देश भेजे जा चुके है। इन निर्देशों के तहत अब जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

परफोरमेंस के मानक होंगे तैयार
विशेषज्ञ डाक्टरों की परफारमेंस पर नजर रखने के लिए विशेष तौर पर मानक तैयार किए जाएंगे। इन्हीं मानकों के तहत सभी अस्पतालों के प्रिंसिपल मेडिकल अफसर डाक्टरों की परफोरमेंस रिपोर्ट तैयार करेंगे। स्पेशलिस्ट डाक्टरों ने माह में कितने आपरेशन किए हैं? स्पेशलिस्ट डाक्टर दिन में कितनी ओपीडी देखते हैं? इसके  अतिरिक्त महीने भर में क्या किसी स्पेशलिस्ट डाक्टर ने मरीजों के हित में कोई खास इनिशिएट लेते हुए कोई काम किया है? परफोरमेंस के दौरान इन सभी कामों की समीक्षा की जाएगी।
विज्ञापन

बाक्स
इसलिए रखी जा रही है  नजर
स्पेशलिस्ट डाक्टरों की परफोरमेंस पर नजर रखने की जरूरत स्वास्थ्य विभाग को कई कारणों से पड़ी। दरअसल, पहले से ही सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डाक्टरों का टोटा है। इसके बावजूद कई डाक्टर आपरेशन से बचने और मरीजों को अक्सर रैफर करने का प्रयास करते हैं। सूत्रों के अनुसार स्पेशलिस्ट डाक्टर ओपीडी में तो मरीजों को देख लेते हैं, मगर मरीज का मर्ज थोड़ा टेढ़ा हो तो उसे इलाज देने की बजाय  रैफर कर देते हैं। ये स्पेशलिस्ट डाक्टरों आपरेशनों से भी बचते हैं और मरीज को आगे रेफर कर देते हैं। इससे मरीज परेशान होते हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने हर माह इन स्पेशलिस्ट डाक्टरों की परफारमेंस पर  नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं। जिन डाक्टरों के काम संतोषजनक नहीं होगा तो विभाग उन स्पेशलिस्ट डाक्टरों पर विभागीय कार्रवाई भी करेगा।
---
वर्जन
पिछले दिन स्वास्थ्य निदेशालय में हुई बैठक में सभी सीएमओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसके तहत सरकारी अस्पतालों के स्पेशलिस्ट डाक्टरों की तय मानकों के तहत परफोरमेंस पर नजर रखी जाएगी। इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। निदेशालय को यदि डाक्टरों के काम में संतोष नहीं लगा, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। प्रिंसिपल मेडिकल अफसर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की हर माह परफोरमेंस रिपोर्ट तैयार करेंगे।
विज्ञापन

-डॉ. विनोद गुप्ता, चीफ मेडिकल अफसर, अंबाला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें