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मरीजों की कतारें देख एसीएस दंग

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अंबाला। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की एडिशन चीफ सेक्रेटरी (एसीएस) जी अनुपमा ने शुक्रवार को नागरिक अस्पतालों की नब्ज टटोली। वे छावनी नागरिक अस्पताल कैंसर टर्सरी सेंटर का निरीक्षण करने के बाद ओपीडी के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंची। महिला मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखकर काउंटर बढ़ाने के साथ-साथ कैंसर टर्सरी सेंटर की तर्ज पर टोकन सिस्टम चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेढ़ से दो घंटे लगेंगे तो कैसे काम चलेगा। 10 दिन के भीतर सीएमओ को टोकन सिस्टम लगाने को कहा।
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इमरजेंसी वार्ड में सीनियर सिटीजन के काउंटर के बारे में पूछा तो सीएमओ बोले कि सिटी अस्पताल में काउंटर है पर यहां पर नहीं है। एसीएस ने काउंटर बनाने व अलग से डॉक्टर लगाने को कहा। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में रखी दवाइयों के बारे में भी जानकारी जुटाई। उन्होंने वहां दो नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी रात में लगाने को कहा। जी अनुपमा ने कहा कि डॉक्टर भले ही कम हो लेकिन नर्सिंग स्टाफ पर्याप्त होनी चाहिए, ताकि मरीज को उचित उपचार दिया जा सके। उन्होंने निर्माणाधीन नई बिल्डिंग व कैंसर के मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए विश्रामगृह के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा मुलाना सीएचसी और सरदेहड़ी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का भी दौरा किया।
रोटी बैंक सेवा, डायटिशियन द्वारा तय खाना ही मरीजों को परोसे
एसीएस ने सीएमओ से मरीजों के खाने में बारे में पूछा तो वे बोले कि हरियाणा की सबसे बढ़िया किचन छावनी नागरिक अस्पताल में है। रोटी बैंक द्वारा मरीजों व उनके तीमारदारों को खाना परोसा जाता है। वहीं सीएमओ ने डायटिशियन न होने की बात कही। एसीएस ने कहा कि रोटी बैंक तो एक सेवा है। मरीजों को केवल खाना ही नहीं परोसना होता बल्कि यह भी देखना होता है कि किस मरीज को हाई प्रोटिन डाइट देनी है या किसे कम। यह केवल डायटिशियन ही तय कर सकता है। ऐसे में सभी को एक जैसा ही खाना परोसना गलत है। डायटिशियन नियुक्त करके मरीज की प्लेट पर जिक्र होना चाहिए कि वो हाई प्रोटिन है या लो प्रोटिन। एसीएस के अलावा सीएमओ डॉ. कुलदीप, पीएमओ डॉ. राकेेश सहल, डॉ. रेखा सिंह, एसएमओ डॉ. पूजा पेंटल आदि मौजूद रहे।
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कार्ड बनाते समय सिस्टम पूछे, आयुषमान है या नहीं
एसीएस ने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कर्मचारी से पूछा कि मरीज के पास आयुषमान कार्ड है कि नहीं, इसका पता कैसे करते हो। कर्मचारी ने कहा कि जो बोलता है तो उसे आयुषमान कार्ड के ऑप्शन में एड कर देते हैं। एसीएस बोली, सीएमओ साहब अपने सिस्टम अपडेट करवाएं। कार्ड बनाते समय अपने आप ही ऑपशन आ जाएगा और उसे भरने के बाद आगे की प्रक्रिया होगी। अगर कोई नहीं बताता तो वो रह ही जाएगा।
सीएमओ और पीएमओ ने रखी समस्या
इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान एसीएस ने जब ऑक्सीजन लाइन चालू होने के बारे में पूछा तो सीएमओ डॉ. कुलदीप व पीएमओ डॉ. राकेश सहल ने अपनी समस्याएं रख दी। उन्होंने कहा कि वेयरहाउस से मेडिसन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती। लोकल परचेज करके मरीजों को कमी नहीं आने देते। हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) को हिदायत दी जाए कि वो समय पर मेडिसन का स्टॉक पूरा करते रहे।
पंचकूला और कालका-पिंजौर एरिया में डेंगू का डंक ज्यादा घातक हुआ है। ऐसा नहीं है कि अंबाला में नहीं है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन और निकाय विभाग के सहयोग से डेंगू पर कंट्रोल किया है। विभाग की टीमें हर घर एंटी लारवा की जांच कर रही हैं। सरकारी अस्पतालों में डेंगू का बेहतर से उपचार किया जा रहा है। अस्पतालों में कुछ मरीजों की सहूलियत को देखते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्हें जल्द पूरा करने के लिए बोला गया है।
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-जी अनुपमा, एडिशन चीफ सेक्रेटरी स्वास्थ्य विभाग हरियाणा
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