अंबाला। रेलवे संपत्ति अधिनियम के तहत दर्ज तीन दशक पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। रेलवे के मुख्य न्यायाधीश सचिन कुमार ने आरोपी शिव चरण को केस से रिहा करने का आदेश जारी किए हैं। यह फैसला रेलवे बोर्ड के उन दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया गया है, जिसमें छोटे मामलों और पुराने लंबित केसों का बोझ कम करने की बात कही गई है। यह मामला 6 फरवरी 1997 को आरपीएफ पोस्ट अंबाला कैंट में प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी पर रेलवे की संपत्ति अवैध रूप से रखने का आरोप था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, 23 नवंबर 2004 को आरोपी को उद्घोषित अपराधी घोषित करते हुए फाइल रिकॉर्ड रूम में भेज दी गई थी। इसमें मामले में शामिल चोरी की संपत्ति की कुल कीमत मात्र 200 रुपये थी। संवाद