नारायणगढ़। स्थानीय अदालत ने अवैध देसी शराब रखने के आरोपी सतपाल सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस जांच में पाई गई गंभीर लापरवाहियों पर कड़ी आपत्ति जताई। अदालत ने साफ कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ मामले को बिना किसी संदेह के साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। अदालत ने फैसले में पुलिस तफ्तीश की दो सबसे बड़ी खामियों को उजागर किया। कोर्ट ने नोट किया कि गुप्त सूचना के आधार पर सार्वजनिक स्थान से रिकवरी की गई, लेकिन पुलिस ने किसी भी स्वतंत्र स्थानीय गवाह को जांच में शामिल नहीं किया। पूरा मामला सिर्फ पुलिसकर्मियों की गवाही पर टिका था, जिसे बिना पुख्ता सबूत के पूरी तरह सच नहीं माना जा सकता। वहीं 12 बोतलों में से सिर्फ एक का ही केमिकल टेस्ट कराया।
यह था मामला
यह मामला 19 जून 2020 का है जब पुलिस टीम पंजोखरा क्षेत्र के छज्जू माजरा चौक पर गश्त पर थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति प्लास्टिक के कट्टे में अवैध शराब लेकर गांव देहरी की तरफ आ रहा है। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने गांव नागला नानकू निवासी सतपाल सिंह उर्फ बिट्टू को दबोचा। कट्टे की तलाशी लेने पर माल्टा मार्का देसी शराब की 12 बोतलें बरामद हुईं, जिनका वह कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सका। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।