नारायणगढ़। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ. जितेंद्र कुमार की अदालत ने करीब साढ़े आठ साल पुराने शराब तस्करी के एक मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में नामजद दोनों आरोपी उत्तर-प्रदेश के शामली निवासी मोहसिन और अनीश को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत के सामने आया कि पुलिस की जांच में इतनी कमियां थी कि अभियोजन पक्ष दोष सिद्ध ही नहीं कर सका। इस केस की तफ्तीश में पुलिस ने सार्वजनिक स्थान से बरामदगी होने के बावजूद किसी भी स्थानीय निवासी को गवाह के तौर पर शामिल नहीं किया। अदालत ने गौर किया कि पकड़ी गई सभी बोतलों के सैंपल नहीं लिए गए और न ही केमिकल जांच की रिपोर्ट को अदालत में सही ढंग से साबित किया गया।