उमेश भार्गव, अंबाला
कनाडा के ओंटारियों से विनिपैक कुरियर ले जा रहे अंबाला शहर के गांव डडियाना निवासी 24 वर्षीय जसप्रीत सिंह और गांव डंगडेहरी निवासी जतिंद्रपाल सिंह की सड़क हादसे में मौत के चार दिन बात भी परिजन अपने लाडलों के शवों के दर्शनों के लिए बेचैन हैं।
डडियाना निवासी जसप्रीत सिंह के शव के इतने ज्यादा हिस्से हो चुके हैं कि उसकी अभी तक शिनाख्त भी नहीं हो सकी है। अलबत्ता अभी तक यह भी सुनिश्चित नहीं हो सका है कि दोनों के शव कभी भारत आ भी पाएंगे या नहीं? आतुर माता-पिता का इसी कारण रो-रोकर बुरा हाल है। चार दिन बीत जाने के बाद भी दोनों के माता-पिता खुद को चाहकर भी नहीं संभाल पा रहे हैं। जसप्रीत के चाचा इकबाल सिंह ने बताया कि अभी तक उनके बेटे का शव दिया जाएगा या नहीं यही सुनिश्चित नहीं हो सका है। पुलिस ने डीएनए टेस्ट करवाने की बात कही है।
डीएनए के बाद कनाडा पुलिस कर सकती है शव को परिजनों के सुपुर्द
21 अगस्त की रात कनाडा के समय अनुसार करीब 12 बजे दोनों के ट्रक की टक्कर दूसरे ट्रक से हो गई थी और उसके बाद एक अन्य ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। हादसे में एक ही ट्रक में सवार जसप्रीत सिंह और जतिंद्रपाल सिंह मारे गए थे। इनमें से जसप्रीत सिंह का शव इतनी बुरी तरह से क्षत विक्षत हुआ है कि उसे पहचान पाना ही नामुमकिन हो पा रहा है। इतना ही नहीं शव के कई हिस्से हो चुके हैं। यही कारण है कि कनाडा पुलिस ने उसके शरीर के हिस्सों का डीएनए करवाने का निर्णय लिया है। इसके बाद भी संभव हुआ तो ही शव भारत की सरजमीं पर आ सकेगा।
जतिंद्रपाल सिंह के शव को लेकर फैसला आज
दूसरी तरफ जतिंद्रपाल सिंह के पिता जगदीप सिंह के अनुसार अभी उन्हें भी नहीं पता कि उनके बेटे के शव को उनको कब दिया जाएगा। विलाप करते हुए उन्होंने कहा कि हमें कुछ नहीं पता लेकिन असंध करनाल के रहने वाले बिंद्र ने बताया कि वह कनाडा अस्पताल में गए थे। लेकिन उन्हें वहां से स्टाफ ने बताया कि इस बारे में एक-दो दिन में बताया जाएगा। बतौर जगदीप सिंह मंगलवार को जतिंद्रपाल सिंह के शव की सुपुर्दगी पर फैसला कनाडा पुलिस ले सकती है। अलबत्ता अभी दोनों के शवों के अंतिम दर्शन के लिए परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
जसप्रीत सिंह- फोटो : Ambala