अंबाला। कुछ लोगों ने आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव संजीव कुमार को कंपनी में निवेश का झांसा देकर उनसे 15 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने उन्हें निवेश के बदले में बराड़ा में 10 मरले का प्लाट देने का झांसा दिया था। मामला सरांवा की टपरियां गांव का है। पुलिस ने संजीव की शिकायत पर पांच व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। इसमें नेहा रानी, राजेश कुमार, संजीव कुमार, जसमेर सिंह व सत्या देवी को आरोपी बनाया गया है।
संजीव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात 10 अक्टूबर 2022 को नेहा रानी व राजेश कुमार से हुई थी। दोनों आरोपियों ने 10 नवंबर 2022 को उसे निवास स्थान सरांवा गांव की टपरियां में बुलाया और उसकी मुलाकात जसमेर सिंह, संजीव कुमार व सत्या देवी से करवाई। इसके बाद राजेश कुमार व उसकी पत्नी नेहा रानी आम आदमी पार्टी में सदस्य के रूप में काम करते रहे। 10 जुलाई को नेहा रानी ने उसके मोबाइल पर फोन किया और उसे बताया कि उनकी नेहा इन्टरप्राइजेज रियल इ-स्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी है। इसमें वह उसका पति राजेश कुमार, जेठ संजीव कुमार, सास सत्या देवी व ससुर जसमेर सिंह सब मिलकर जमीन का व्यापार करते हैं। उन्होंने कहा अगर वो उनकी कंपनी में 15 लाख रुपये निवेश करते हैं तो वो बराड़ा में 10 मरले का प्लाट सड़क के नजदीक दे देंगे और रजिस्ट्री का सारा खर्चा भी कंपनी करेगी। इसके बदले हर तीन महीने बाद डेढ़ लाख रुपये बोनस के तौर पर भी उसके खाते में कंपनी के माध्यम से जमा किए जाएंगे। उसे पांचों आरोपियों का प्रस्ताव अच्छा लगा। इस विषय पर संजीव ने अपने पिता फूल सिंह से बातचीत की और 24 जुलाई 2023 को उसने अपने पिता के डाकघर बचत बैंक से राजेश कुमार के पंजाब नेशनल बैंक खाते में एनईएफटी के माध्यम से 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि इससे पहले 17 जुलाई 2023 को 22,500 रुपये भी उनके खाते से कट गये थे । कुछ दिन बाद उसके पिता फुल सिंह अपने घर गांव मिल्क शेंखा चले गए । सात अक्टूबर 2023 को नेहा रानी व राजेश कुमार ने सुबह 10 बजे फोन पर उसे बधाई दी। उन्होंने कहा कि उसने जो 15 लाख रुपये उनकी कंपनी में निवेश किए थे। उसके डेढ़ लाख रुपये बोनस के आए हैं। ये रकम पांचों आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर व सोची समझी साजिश के तहत उसके खाते में डाली थी। इनमें से एक लाख रुपये आरटीजीएस और 50 हजार रुपये फोन पे के माध्यम से डाले थे। इससे उसका पांचों आरोपियों पर अधिक विश्वास हो गया। हालांकि इस दौरान उसने राजेश कुमार व नेहा रानी से पूछा कि ये बोनस की राशि कंपनी के खाते से उसके खाते में क्यों नहीं आई। तब नेहा रानी व राजेश कुमार ने कहा वो कंपनी के मालिक हैं और ट्रांजेक्शन किसी के भी खाता से कर या करवा सकते हैं। फिर इसके कुछ दिन पांचों आरोपियों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। इस दौरान कई बार मुलाकात भी हुुई, लेकिन आरोपियों ने उसे पैसे नहीं दिए। हालांकि उन्होंने जो चेक दिए थे वो भी बाउंस हो गए। 23 मार्च 2024 को आरोपी राजेश कुमार रात 10 बजे उसके घर आया और गाली-गलौज करते हुए उसका मोबाइल तोड़ दिया और धमकी दी कि अगर उसने पैसे मांगे तो वो उसे जान से मार देगा। संजीव ने बताया कि उक्त आरोपी अपराधी प्रवृति का है और पहले भी उसके खिलाफ कई शिकायतें हो चुकी हैं।
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