अंबाला। तीन दिन की बच्ची के अपहरण के मामले में पकड़ी गई महिला की कहानी भी रहस्यमयी है। ठीक एक साल पहले जून 2022 को शहर के विवेक विहार से महिला ने करीब सात माह का बच्चा उठा लिया था। वह वहां नियमित तौर पर जाती थी। उस समय भी पहले विश्वास बनाया और अचानक तोड़ दिया था। परिवार के घर महिला दोपहर के समय आई थी। जैसे ही परिवार इधर-उधर हुआ था तो वह सोते हुए बच्चे को लेकर भाग गई थी।
पुलिस ने महिला को छावनी के रेलवे स्टेशन से काबू किया था। अभी तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है कि आखिर महिला ऐसा क्यों कर रही है। महिला के पास पहले ही एक लड़का व लड़की है। उसका पति अलग रहता है। बलदेव नगर थाना प्रभारी रामकुमार ने बताया कि पहले जब महिला ने बच्चा उठाया था तो वह अंबाला सदर थाने में इंचार्ज थे।
अपहरण का मामला उजागर होने के बाद पीएमओ डॉ. संगीता ने मरीज के साथ अपने वाले तीमारदारों का कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। वहीं मंगलवार को अस्पताल में अनाउंसमेंट करवाकर लोगों को जागरूक किया कि वह अपने बच्चे का ध्यान रखें और केवल सगे संबंधी को ही दें।
प्रसूति विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
प्रसूति विभाग से आरोपी महिला ने शातिराना अंदाज में अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में प्रसूति विभाग के स्टाफ की लापरवाही का नतीजा है कि आखिर कैसे कोई महिला वार्ड के भीतर घूमती रही। उसका न कार्ड बना और न ही सही नाम से कहीं कोई एंट्री थी। पीड़ित महिला ने बच्ची मिलने के बाद खुशी जताई, लेकिन स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए। विगत माह भी एक नवजात के गले पर निशान मिले थे और मामला थाने तक पहुंचा था।
अपहरण के मामले को लेकर नर्सिंग ऑफिसर व स्टाफ को निर्देश दिए हैं। जल्द ही अटेंडेंट कार्ड भी जारी होंगे और उसके साथ ही भीतर जाने की अनुमति दी जाएगी।
-डॉ. संगीता, पीएमओ,नागरिक अस्पताल अंबाला शहर