एनआईए इंस्पेक्टर बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, व्हाट्सएप पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति जब्ती के आदेश भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। एयरफोर्स के सेवानिवृत्त कर्मचारी अमृत लाल पाहवा (73) को डिजिटल अरेस्ट कर पांच लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया कि उनका संबंध जम्मू-कश्मीर के आतंकियों से है। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुलाना निवासी अमृत लाल पाहवा ने पुलिस को बताया कि 16 जनवरी को उनके पास एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) का इंस्पेक्टर बताया। उसने डराते हुए कहा कि पहलगाम में आतंकी अफजल खान के पास आपका आधार कार्ड मिला है। उसने आपके खाते में 70 लाख रुपये भेजे हैं। बुजुर्ग ने जब इससे इन्कार किया तो ठगों ने उन पर दबाव बनाने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति जब्ती के आदेश भेज दिए। इन दस्तावेजों पर कोर्ट की फर्जी मोहरें भी लगी थीं।
खाते में डलवाए पैसे
ठगों ने पीड़ित को इस कदर डरा दिया कि उन्होंने किसी को इस बारे में बताने की हिम्मत नहीं की। खुद को इंस्पेक्टर बताने वाले ठग ने कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें यह बात गुप्त रखनी होगी। जांच के नाम पर ठगों ने उनसे उनके बैंक खातों और एफडी की जानकारी मांगी। इसके बाद दबाव बनाकर उनसे इंदौर की एक बैंक शाखा के खाते में पांच लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करवा लिए। पैसे ट्रांसफर करने के अगले दिन जब पीड़ित ने संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी का मोबाइल नंबर बंद मिला। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने अपने परिचितों को आपबीती बताई और 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।