संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। परिवार पहचान पत्र में दर्ज एक गलत जानकारी अब एक गरीब परिवार के लिए जी का जंजाल बन गई है। छावनी के सेक्टर-34 की रहने वाली गोमती अपनी जाति दुरुस्त करवाने के लिए पिछले एक साल से दफ्तरों के चक्कर काट रही थीं। जाति में सुधार तो दूर, प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि उनके बीपीएल राशन कार्ड से परिवार के तीन सदस्यों के नाम ही काट दिए गए।
पीड़ित महिला गोमती ने बताया कि वह अनुसूचित जाति (से संबंध रखती हैं, लेकिन पीपीपी में गलती से उनकी जाति सामान्य दर्ज हो गई। इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए वह एक साल से पटवारी, तहसील और नगर परिषद दफ्तर के चक्कर लगा रही हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला, लेकिन कागजों में सुधार नहीं हुआ।
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राशन लेने डिपो पहुंची तो उड़े होश
दो दिन पहले जब गोमती डिपो से राशन लेने पहुंचीं, तो उन्हें नाम कटने का पता चला। डिपो धारक ने बताया कि राशन कार्ड से उनका, उनके पति और बेटे का नाम हटा दिया गया है। पीड़िता का कहना है कि उनके आधार कार्ड पर अंबाला कैंट का ही पूरा पता दर्ज है। इसके बावजूद बिना किसी ठोस कारण के उनके नाम सूची से खारिज कर दिए गए। महिला ने बताया कि उनके पति दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं परिवार पूरी तरह बीपीएल राशन पर निर्भर था। अब राशन बंद होने से उनके सामने पेट भरने का संकट खड़ा हो गया है।
पीपीपी में महिला उसके पति और बच्चे का नाम क्यों कटा है इस बारे में पोर्टल पर चैक करके ही बताया जा सकता है।
- रजत जैन, क्रिड विभाग अंबाला।