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Ambala News: वैक्सीन पर बड़ी घोषणा की थी उम्मीद, आयुष्मान के बजट में नहीं हुई वृद्धि

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डॉ. यशपाल वर्मा, ​कार्यवाहक निदेशक, अटल कैंसर केयर केंद्र अंबाला
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- सरकारी डॉक्टरों ने किया बजट का स्वागत, बोले- स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज को सस्ता करने के साथ-साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा व हेल्थकेयर मैनपावर पर विशेष जोर दिया है। इस बजट पर अंबाला के सरकारी चिकित्सकों ने इसे स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रधान डॉ. जितेंद्र बोले कि बच्चों की महंगी वैक्सीन को लेकर भी बड़ी घोषणा होनी चाहिए थी तो पूर्व प्रधान अशोक सारवाल बोले कि बजट में आयुष्मान के बजट के भी वृद्धि होनी चाहिए थी।

महंगी दवाओं ने तोड़ी थी कैंसर मरीजों की कमर
बजट में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 प्रमुख दवाओं पर से 5 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने पर मरीजों व उनके तीमारदारों को बड़ी राहत मिली है। अक्सर उन्हें महंगी दवाओं का बोझ उठाना पड़ रहा था, ऐसे में अब राहत मिलेगी। इसके अलावा हीमोफिलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को भी ड्यूटी फ्री कर दिया गया है। जिले में इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों को भी राहत मिली है। अंबाला में हीमोफिलिया के 35 मरीज है।
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कैंसर की दवाइयों पर ड्यूटी कम करना ऐतिहासिक फैसला है। इससे इलाज का खर्च 10 से 15 प्रतिशत तक कम हो सकता है। मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि अब तक विदेशों से आने वाली ये दवाएं आम आदमी की पहुंच से बाहर थीं। बजट में एलोपैथिक दवाओं को लेकर भी काम होना चाहिए था। बच्चों की वैक्सीन को लेकर भी किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद थी।
- डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, प्रधान, आईएमए अंबाला कैंट

स्वास्थ्य को लेकर बजट में काफी कुछ मिला है। आयुष्मान के तहत मिलने वाले बजट में बढ़ोतरी हो सकती थी, जो मेडिकल पैकेज थे उनकी राशि में भी इजाफा हो सकता था। आयुर्वेदिक को लेकर भी मिली सौगात अपने आप में बढ़ी बात है।
- डॉ. अशोक सारवाल, पूर्व आईएमए प्रधान अंबाला सिटी

आयुर्वेदिक से उपचार करवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। बजट में आयुर्वेदिक एम्स बनाने व बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत को विकसित करने का लक्ष्य रखने व 10 हजार करोड़ के निवेश से अगले 5 साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार करने की योजना बड़ी सौगात है। हरियाणा में एक नए आयुर्वेदिक कॉलेज के खुलने से भी स्पेशलिस्ट की संख्या में इजाफा होगा।
- डॉ. जतिंंद्र, आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर पंचकर्मा, अंबाला कैंट

यह बजट कैंसर मरीजों की जेब पर बोझ कम करने वाला है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गत वर्ष से 6 प्रतिशत अधिकता, जिला स्तर पर डीसीसीसी के माध्यम से कैंसर सेवाओं की सुदृढ़ता,17 कैंसर दवाओं पर ड्यूटी हटाना, शोध व ट्रेनिंग का प्रावधान आदि की बदौलत मरीजों के लिए यह वरदान साबित होगा। हालांकि अटल कैंसर केयर केंद्र में अधिकतर दवाईयां निशुल्क उपलब्ध हैं।
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- डॉ. यशपाल वर्मा, कार्यवाहक निर्देशक, अटल कैंसर केयर केंद्र अंबाला

डॉ. यशपाल वर्मा, कार्यवाहक निदेशक, अटल कैंसर केयर केंद्र अंबाला

डॉ. यशपाल वर्मा, कार्यवाहक निदेशक, अटल कैंसर केयर केंद्र अंबाला

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