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बढ़ने लगी टिकट के दावेदारों की फौज

Tue, 22 Jul 2014 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला
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अंबाला सिटी। अंबाला में विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट पहले से ही शुरू हो चुकी है जिसके चलते कांग्रेस में अब टिकट के दावेदारों की फौज बढ़ने लगी है।
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पार्टी ने भी कार्यकर्ताओं और नेताओं को खुली छूट दी हुई है कि वे अपना आवेदन पत्र और दस हजार रुपये आवेदन फीस के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने का दावा ठोक सकते हैं। आवेदन में दावेदार को अपनी उपलब्धियां, पार्टी के लिए  क्या काम किया है? और कब से वे पार्टी के वर्कर हैं? इत्यादि जानकारी भी भरनी है।

पार्टी के इन निर्देशों के बाद अंबाला में चार विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले दावेदारों की फौज बढ़ती दिखाई दे रही है। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने दस हजार आवेदन फीस के साथ अपनी-अपनी दावेदार पार्टी हाईकमान के समक्ष ठोक दी है जबकि दावेदारी ठोकने का सिलसिला अभी भी जारी है। कई स्थानीय नेता ऐसे हैं, जो इस बार कांग्रेस की सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक है।
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अंबाला कैंट विधानसभा
कैंट विधानसभा सीट पर इस वक्त भाजपा के अनिल विज काबिज है। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी निर्मल सिंह को हराया था। अब कांग्रेस में इस बार पूर्व विधायक निर्मल सिंह ने फिर दावेदारी ठोकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार अपने साथ-साथ वे अपनी बेटी व वार्ड सोलह से पार्षद चित्रा सरवारा को भी प्रोजेक्ट कर रहे हैं। इसके अलावा अंबाला से पूर्व पार्षद हीरालाल यादव, पूर्व नगर परिषद की पूर्व चेयरमैन नीलम शर्मा, जिलाध्यक्ष कैंट नरेंद्र पाल सिंह शेरा, अशोक जैन, डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल भी अभी तक टिकट के लिए कतार में हैं। दूसरा, यह भी अटकलें हैं कि पंचूकला के मौजूदा और कैंट सीट पर पूर्व विधायक डीकेे बंसल की निगाहें भी इस बार कैंट सीट से चुनाव लड़ने पर टिकी हुई है।

अंबाला शहर विधानसभा
अंबाला शहर में इस वक्त विनोद शर्मा विधायक है। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए भाजपा के डा. संजय शर्मा को परास्त किया था लेकिन अब समीकरण बदल चुके हैं और विनोद शर्मा ने पार्टी छोड़कर अपनी अलग जनचेतना पार्टी बना ली है। इसलिए इस बार उनके मुकाबले में जिलाध्यक्ष एवं नगर परिषद सिटी के पूर्व चेयरमैन हरीश सासन ने चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोकी है। सासन कई बार पार्षद रह चुके हैं और पार्टी में बड़े ब्राह्मण नेता होने का दावा कर रहे हैं। इसके अलावा पूर्व पार्षद बृजलाल सिंगला, राजेश मेहता, विनोद धीमान व वार्ड नंबर दस की पार्षद हरदीप कौर, वार्ड ग्यारह के पार्षद दिलीप बिट्टू और वार्ड नौ के पार्षद हिम्मत सिंह, किरण बाला जैन व देवेंद्र बजाज भी कांग्रेस का  टिकट लेने के लिए कतार में हैं।

मुलाना विधानसभा
मुलाना विधानसभा में इस वक्त इनेलो विधायक राजबीर बराड़ा काबिज है। उन्होंने पिछली बार आश्चर्यजनक ढंग से पूर्व मंत्री व पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना को पटकनी दी थी। इस बार फिर से फूलचंद मुलाना ने कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोकी है, लेकिन साथ में अपने बेटे वरुण चौधरी को भी खड़ा किया है ताकि टिकट दोनों में से किसी एक को मिल जाए। इसी तरह इलाके से रामकुमार गगनपुर और देसराज गोला भी कांग्रेस के टिकट के लिए खुद को प्रबल दावेदार बता रहे हैं।
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नारायणगढ़ विधानसभा
हलके में कांग्रेस के विधायक  रामकिशन गुर्जर काबिज हैं। दो बार लगातार जीते, इसलिए  इस बार सरकार में उन्हें मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया। उन्होंने इनेलो के राम सिंह कोड़वा को हराकर चुनाव जीता था। अब इस बार फिर से राम किशन गुर्जर की दावेदारी सबसे प्रबल मानी जा रही है लेकिन उनके साथ अशोक मेहता और अशोक सैनी भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।
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