संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जीएमएन कॉलेज में ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका : विकसित भारत 2047 के लिए कौशल, नवाचार एवं नेतृत्व को बढ़ावा’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय बहुविषयक संगोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के प्रायोजन में आयोजित संगोष्ठी में देशभर से शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
समापन समारोह के मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि ज्ञान, शोध और नवाचार के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना ही विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध और नवीन सोच को उच्च शिक्षा का प्रमुख आधार बनाने पर जोर दिया।
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
एआईसीटीई के सहायक निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति के लिए युवाओं की ऊर्जा का रचनात्मक उपयोग बेहद जरूरी है। सीसीएसएचएयू के वैज्ञानिक डॉ. विजय कुमार कौशिक ने भी युवाओं को कौशल विकास और नवाचार से जोड़ने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। संगोष्ठी में हुए दो दिवसीय अकादमिक मंथन ने युवाओं को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में विचार साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।