फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भ्रमित जीव सही निर्णय नहीं ले सकता : प्रवीणा भारती

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर खेड़ा पर चल रही पांच दिवसीय श्री रामकथा के दूसरे दिन साध्वी प्रवीणा भारती ने रामायण के कई प्रसंगों का किया वर्णन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सौजन्य से नगर खेड़ा पर चल रही पांच दिवसीय श्री रामकथा के दूसरे दिन आशुतोष महाराज की परम शिष्या साध्वी प्रवीणा भारती ने रामायण से जुड़े कई प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किसी भी बात को लेकर संशय करना उचित नहीं होता। भ्रमित जीव कभी भी सही निर्णय नहीं ले सकता और ना ही वह जीव सच्चाई का ज्ञान प्राप्त कर सकता है। मात्र भ्रमित होकर ही विभिन्न प्रकार की कल्पनाएं करने लगता है जो कि किसी भी जीव के लिए उचित नहीं होती।
विज्ञापन

उन्होंने माता पार्वती के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब सती मां भगवान श्री राम की परीक्षा लेने गई तो कहीं ना कहीं वह भ्रमित हो गई थी क्योंकि भगवान शिव ने उन्हें बहुत समझाया मगर सती ने एक नहीं सुनी और भगवान श्री राम की परीक्षा लेने पहुंच गईं। इस पर भगवान शिव क्रोधित हो गए थे। सती माता ने अपने जीवन का त्याग कर दोबारा माता पार्वती के रूप में राजा हिमालय की पत्नी मेनका के गर्भ से जन्म लिया था। शास्त्रों के अनुसार देवी पार्वती के पिता हिमालय के अवतार थे इसलिए उन्हें उमा, गौरी ,अंबिका, भवानी नाम से भी देवी पार्वती को पुकारा जाता है। देवी पार्वती शक्ति का अवतार रही है और भगवान शिव की कृपा से ही पार्वती माता को अपार शक्तियों का वरदान प्राप्त था। कथा के दौरान कथा वाचक प्रवीणा भारती ने कहा कि मां भारती के तीनों लाल शहीद भगत सिंह, सुखदेव सिंह, और राजगुरू के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। इन तीनों को अंग्रेजी सरकार ने फांसी के फंदे पर लटका दिया था। कथा के मुख्य यजमान सोहन लाल आढ़ती, अनिल गुप्ता पूर्व प्रिंसिपल, संजीव दुप्पर, राजेश कुमार लाडी चेयरमैन जिला परिषद ने विधिवत पूजन कार्य संपन्न करवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें