अंबाला। सैन्य क्षेत्र में सीएनआई चर्च के सामने चौराहे पर लगाया जाने वाला मिग-21 जहाज दिल्ली से आने वाली एयरफोर्स की टेक्निकल टीम का इंतजार कर रहा है। जहाज तैयार है। कैंटोनमेंट बोर्ड ने इसे लगाने के लिए जगह भी अलाट कर दी है। इसके बावजूद टेक्निकल टीम के नहीं आने की वजह से यह जहाज एक साल से चौराहे पर बतौर प्रदर्शनी लगने की बाट जोह रहा है।
कैंटोनमेंट बोर्ड के अफसरों का कहना है कि कुछ समय पहले एयरफोर्स को जल्द ही टेक्निकल टीम भेजने का आग्रह किया गया था। एयरफोर्स अफसरों ने जल्द ही इस टीम को अंबाला भेजने का आश्वासन दिया था। ताकि टीम अपनी निगरानी में इस मिग-21 जहाज के असली ढांचे को चौराहे पर पूरी सावधानी से बतौर प्रदर्शनी खड़ा कर सकें। बोर्ड ने इस जहाज को बतौर प्रदर्शनी लगाने के लिए तकरीबन पांच लाख रुपये बजट का प्रावधान कर रखा है।
यह है योजना
सेना और एयरफोर्स युवाओं का रुझान डिफेंस क्षेत्र की ओर बढ़ाना चाहती है। इसी के चलते सेना और एयरफोर्स ने यह फैसला लिया है कि एक मिग-21 जहाज का असली ढांचा यहां सैन्य क्षेत्र के एक चौराहे पर लगाया जाए, जिसे युवा व अन्य लोग करीब से देख सके और उनके दिलों में भी देश सेवा का जज्बा जागृत हो। इसके लिए एयरफोर्स ने अपना एक इस्तेमाल किया हुआ मिग-21 जहाज सेना को बतौर प्रदर्शनी लगाने के लिए देने की घोषणा की है। अंबाला में यह पहला ऐसा जहाज बतौर प्रदर्शनी लगाया जाएगा, जिसका ढांचा डम्मी न होकर बाकायदा असली होगा।
इसलिए हो रही देरी
चूंकि प्रदर्शनी के लिए लगने वाला यह मिग-21 जहाज डम्मी न होकर असली जहाज है। इसलिए इस भारी भरकम जहाज को लगाने का काम एयरफोर्स की ही एक विशेष टेक्निकल कमेटी की निगरानी में ही होगा। एयरफोर्स की ये टेक्निकल टीम दिल्ली से आनी है। यही टीम बताएगी कि इस जहाज कैसे एयरफोर्स स्टेशन से सीएनआई चर्च के सामने चौराहे तक लाना है और किस तरह इसे स्थापित करना है कि तेज हवाओं और आंधी में खड़ा किया गया यह मिग-21 जहाज बिल्कुल भी हिले न और न ही इसके गिरने का कोई खतरा हो। लेकिन इस योजना को बने लगभग एक साल बीत गया, मगर एयरफोर्स की टेक्निकल टीम इस प्रोजेक्ट के लिए अंबाला नहीं आई।
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एयरफोर्स अथारिटी ने अपना जहाज पूरी तरह तैयार कर लिया है। लेकिन ये जहाज दिल्ली से आने वाली एयरफोर्स की एक टेक्निकल टीम की निगरानी में ही लगाया जाना है। एयरफोर्स अथारिटी से इसके लिए फिर आग्रह किया गया था। एयरफोर्स अथारिटी ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही टेक्निकल टीम अंबाला आ जाएगी।
-शालिनी पांडेय, मुख्य अधिशासी अधिकारी, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला-