अंबाला। माली परेड के सैकड़ों परिवार पेयजल के लिए तरस रहे हैं। हालात यह हैं कि यहां के लोगों को हैंडपंपों का पानी पीना पड़ता है। आरोप है कि स्थानीय पार्षद भी इस पेयजल लाइन से कनेक्शन चालू करवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस संबंध में डीसी, कैंटोनमेंट बोर्ड सीईओ को भी दिया है, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। यह समस्या स्थानीय निवासियों ने अमर उजाला अंबाला छावनी कार्यालय में पहुंचकर बताई।
माली परेड तोपखाना निवासी कृष्णा देवी, कमलेश, सोनू, कमला देवी, कांता देवी, ममता, गीता, सिमरन, सरला देवी, मंजू, बबली, शीतल रानी, सुमन सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि आजादी के बाद से ही उनके क्षेत्र में पेयजल की समस्या रही है। कई दशकों तक यह समस्या झेलने के बाद उस समय आस बंधी, जब इस क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन के लिए राशि मंजूर हुई। उम्मीद थी कि जल्द ही पेयजल समस्या से छुटकारा मिलेगा और घर के पास ही पानी उपलबध होगा। लेकिन यह उम्मीद भी टूटती दिख रही है।
‘क्षेत्र में पेयजल समस्या है, लेकिन इसके लिए पाइपलाइन बिछवाई है। राजनीतिक रंजिश के चलते कुछ लोग इस पाइपलाइन से कनेक्शन शुरू नहीं करवाने दे रहे हैं। जब यह योजना पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ती, तब अन्य हिस्सों में पेयजल योजना का प्रस्ताव नहीं भेजा जा सकता। इस बारे में कोशिश की जा रही है कि कनेक्शन जल्द लगवाए जाएं।’
- सूबेदार सिंह, पार्षद वार्ड नंबर एक, कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला