अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। बीआई मेस रोड पर दिव्यांग पवन दुग्गल की दुकान फर्जी कागजों के सहारे उसी के नौकर के नाम चढ़ाने के मामले में नगर निगम ने अपने रेंट क्लर्क को चार्जशीट कर दिया है। वहीं अब नगर निगम ने अपनी गलती सुधारते हुए दुकान वापस पवन दुग्गल के नाम कर दी है। इससे पहले इसी दुकान को गलत दस्तावेजों के आधार पर निगम ने पवन दुग्गल के नौकर दिलीप कुमार के नाम ट्रांसफर कर दिया था। वहीं अब शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत एसपी से कर न्याय की मांग की है।
यह था मामला
बीआई मेस रोड पर निगम की दुकान पवन दुग्गल के नाम पर है। यहां पर उनका नौकर दिलीप कुमार दुकान का कार्य करता था। इसी बीच निगम क्लर्क के साथ सेटिंग कर दिलीप ने फर्जी कागजों में यह दुकान अपने नाम ट्रांसफर करवा ली। निगम स्टाफ ने भी महज एक एफिडेविट के दम पर यह दुकान ट्रांसफर कर दी। इस एफिडेविट पर निगम अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर तक किए गए। बीते वर्ष पवन दुग्गल को जब यह पता चला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की शिकायत मंत्री अनिल विज से की गई थी, जिसके बाद उन्होंने जांच के आदेश तक दिए थे। निगम अधिकारियों की प्राथमिक जांच में ही एक रेंट क्लर्क की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। मगर इसके बाद कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। मामला तूल पकड़ने पर निगम ने अब दुकान वापस पवन दुग्गल के नाम कागजों में चढ़ा दी है।
अब पुलिस से की शिकायत
दुकान फर्जी दस्तावेजों के सहारे किसी अन्य के नाम चढ़ाने का यह मामला सीधा धोखाधड़ी एवं सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ से जुड़ा हुआ है। इस कारण अब पवन दुग्गल ने मामले की शिकायत एसपी से कर न्याय की मांग की है।
अब तक सामने आए ऐसे कई मामले
नगर निगम स्टाफ द्वारा दुकानदारों और ठेकेदारों तक को अपने ही स्तर पर अधिकारियों के हस्ताक्षर कर फर्जी नोटिस जारी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। 2012 में एक विज्ञान एजेंसी को भी इसी तरह एक फर्जी पत्र जारी किया गया था जबकि निगम दुकानों से किराया वसूलने के फर्जी नोटिस भी अधिकारियों की पकड़ में आ चुके हैं।
इस मामले में दुकान को वापस असल दुकानदार के नाम किया गया है। वहीं रेंट क्लर्क को भी चार्जशीट किया गया है।
मीनाक्षी दहिया, कमिश्रर, नगर निगम, अंबाला