अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। रोडवेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल पर अब रोडवेज प्रशासन सख्ती के मूड में आ गया है। शनिवार को हुई तीन घटनाओं के बाद अब रोडवेज अधिकारियों ने यूनियन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को कैंट बस स्टैंड पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अंबाला डिपो के जीएम गगनदीप सिंह ने तो यूनियन नेताओं को आतंकी तक कह दिया। उन्होंने कहा कि कई यूनियन नेता आतंकियों की तरह बर्ताव कर रहे हैं।
बता दें कि अंबाला रोडवेज डिपो द्वारा शनिवार को दो शिकायतें पुलिस को दी गई थी, जिसमें डिपो में कार्यरत एक कर्मी से मारपीट की शिकायत थी तो दूसरे मामले में डिपो के रिकार्ड के रजिस्टर गायब होने की शिकायत सौंपी गई थी। इतना ही नहीं शनिवार देर रात चंडीगढ़ रोड से कैंट आ रही हरियाणा रोडवेज की बसों पर पथराव भी किया गया। इसी को लेकर जीएम ने अब कर्मचारियों को उनकी सर्विस ब्रेक तक करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हड़ताल पर गए कर्मचारी यदि काम पर लौटते हैं तो उनकी सर्विस नए सिरे से प्रारंभ मानी जाएगी और इससे उनकी पेंशन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो बसें चलाई जा रही है उन्हें पूरी सुरक्षा दी जा रही है।
रोडवेज ने चलाईं 45 बसें
उधर, रोडवेज द्वारा रविवार को 45 बसें अंबाला कैंट बस स्टैंड से चलाई गई। इनमें 25 बसें निजी व शेष रोडवेज की थी। लोकल रूटों पर इन बसों का संचालन किया गया साथ ही पुलिस मुलाजिम बसों में तैनात किए गए। पंजाब व चंडीगढ़ जा रही बसों के आगे पायलट भी लगाई गई। कैंट बस स्टैंड पर तीन पीसीआर ड्यूटी पर तैनात रही और डीएसपी बलजीत सिंह व अन्य अधिकारी लगातार बस स्टैंड पर गश्त पर रहे।
आज भी स्कूली बसें चलाएगा रोडवेज
दूसरी ओर सोमवार को रोडवेज प्रशासन फिर से स्कूली बसों का सहारा लेगा। जीएम रोडवेज गगनदीप सिंह ने कहा कि सोमवार को बच्चों के सुबह स्कूल लगने व छुट्टी के समय बसें नहीं उपलब्ध होगी जबकि शेष समय बसें उपलब्ध रहेंगी। दिन में लोकल रूटों पर बसों को चलाया जाएगा।
सर्व कर्मचारी संघ ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
अंबाला सिटी। सर्व कर्मचारी संघ के कार्यकर्ताओं ने हर गांव में सरकारी बस की सुविधा व बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग को लेकर रोडवेज कर्मियों द्वारा की जा रही हड़ताल के समर्थन में विधायक असीम गोयल के निवास पर रोष प्रदर्शन किया। सिटी पार्क में कर्मचारी इकट्ठा हुए। जिला प्रधान राम गोपाल की अध्यक्षता में रोडवेज कर्मचारियों की जनहित में की जा रही हड़ताल को दमन से दबाने की कड़े शब्दों में निंदा की गई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार तालमेल कमेटी से बातचीत करने का न्यौता देती है तो दूसरी तरफ रात 12 बजे धरनास्थल से टेंट को जबरदस्ती उतार कर पुलिस स्टेशन ले जाती है। इससे सरकार की नीयत का साफ पता चलता है कि वह बातचीत का केवल नाटक करना चाहती है। कर्मचारियों को संघ के ब्लॉक नारायणगढ़ सचिव सुभाष धीमान, हेमसा महासचिव कमलजीत बख्तुआ, हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्लूडी मेकेनिकल वर्कस यूनियन के राज्य प्रचार सचिव रविंदर शर्मा, ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कस यूनियन के सर्कल सचिव हरपाल सिंह, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सचिव अशोक सैनी, बहुउद्देश्यीय वर्कस यूनियन की जिला प्रधान कांता देवी, आशा वर्कस यूनियन की जिला सचिव कविता,हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के नेता रमेश श्योकंद, रमन सैनी ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। वहीं रोज की तरह रविवार को भी अंबाला डिपो के बाहर पुलिस खड़ी रही और अंबाला सिटी से स्कूलों व प्राइवेट कुल 9 बसें चलाई गई। उधर सिटी से हरियाणा रोडवेज की कोई भी बस नहीं चली।