दवा का कर लें इंतजाम, नहीं तो पड़ेगा भटकना, विक्रेता कल करेंगे हड़ताल
प्रदेश भर के 16 हजार केमिस्ट ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ लेंगे हड़ताल में हिस्सा, बढ़ सकती है मरीजों की परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। यदि आपकी रूटीन में चलने वाली दवा खत्म हो रही है तो इसका इंतजाम आज ही कर लें, क्योंकि ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ देश भर में दवा विक्रेता 28 सितंबर को हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में मरीजों ने यदि दवा का इंतजाम नहीं किया, तो उनको दवा के लिए भटकना पड़ सकता है। हालांकि प्राकृतिक आपदा या अन्य इमरजेंसी में एसोसिएशनों ने दुकानें खोलने की बात कही है।
यह है मामला
हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी जहां कारोबार के हित में नहीं है, वहीं उन दवाओं की बिक्री को भी तेज कर देगी, जिनका गलत इस्तेमाल होने की संभावनाएं रहती हैं। इसी को लेकर सरकार के समक्ष विरोध भी दर्ज कराया गया है, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई ठोस राहत नहीं दी है। सरकार से हर स्तर पर बातचीत के बावजूद ऑनलाइन फार्मेसी को लागू किया जा रहा है, जबकि यह दवा विक्रेताओं के साथ-साथ समाज के हित में नहीं है। एसोसिएशन की मानें तो ऑनलाइन पोर्टल पर जवाबदेही और पर्चे की प्रमाणिकता की विश्वसनीयता संदिग्ध है, जिन दवाओं की बिक्री बिना पर्चे के नहीं हो सकती, वे भी लोगों को उपलब्ध होंगी, दवाओं की बिक्री पुराने पर्चे पर या फिर नकली पर्चे पर भी की जा सकती है, रिटेल, होलसेल में काम करने वाले दवा विक्रेताओं के कारोबार पर इसका असर पड़ेगा।
रोजाना है करोड़ों रुपये का कारोबार
जिले में करीब दो हजार रिटेलर और होलसेलर हैं। अंबाला से दवाएं पंजाब सहित अन्य स्थानों तक सप्लाई की जाती हैं। एक दिन में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, जबकि सबसे ज्यादा परेशानी रिटेलरों से दवा लेने वाले मरीजों को झेलनी पड़ेंगी। दूसरी ओर निजी डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाइयां भी रिटेलरों से हासिल करने में दिक्कतें आएंगी।
कोट
ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में 28 सितंबर को देश भर में एक दिन की हड़ताल है। ऑनलाइन फार्मेसी लोगों के हितों में नहीं है, जबकि रिटेलर, होलसेलर सहित इसका असर समाज पर भी पड़ेगा। इसके विरोध में आल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन एक दिन की हड़ताल कर रही है ताकि सरकार को जगाया जाए।
-अशोक सिंगला, महासचिव, हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।