अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर के बलदेव नगर स्थित बिजली बोर्ड के दफ्तर में शुक्रवार को बिजली सभा में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान किसी व्यक्ति की बिजली संबंधी शिकायत को लेकर एक्सईएन व ग्रीवेंस कमेटी के चेयरमैन बीएस गर्ग आपस में बहस पड़े। सभा में सबसे ज्यादा शिकायतें निगम की तरफ से किसी कर्मचारी बिजली रीडिंग लेने के लिए न आना व बिल न भेजने संबंधी थीं।
बिजली सभा में मनाली हाउस में रहने वाले प्रवीण सबलोक ने बताया कि उनका घर व दुकान एक साथ हैं। उन्होंने दुकान में रेस्टोरेंट खोल रखा है। 2 सितंबर 2011 को उनके घर पर विजिलेंस का छापा पड़ा था, जहां उनके मीटर व तार सही पाए गए। इसके बाद यह मामला एसडीओ के पास चला गया। प्रवीण ने आरोप लगाया कि विजिलेंस जब उनके घर पर छापा मारने गई थी तो उन्हें किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया था। 29 सितंबर 2011 को उनके खिलाफ बिजली निगम की तरफ से एफआईआर की गई, जिस पर 4 नवंबर 2011 को पुलिस उन्हें पकड़कर ले गई और 2 दिसंबर को उन्हें 58 हजार रुपये भुगतान करने पर बेल मिली। जब उनके घर पर किसी प्रकार की बिजली चोरी पकड़ी ही नहीं गई थी तो सजा किस बात की दी गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई उच्चाधिकारियों को लेटर भी लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में बिजली निगम द्वारा उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया।
8 अगस्त, 2016 को पंचायत भवन में चीफ इंजीनियर को भी शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि उनके घर कर्मी पहुंचे और मीटर उतारकर नाली में फेंक दिया। उसकी पत्नी को भी धक्का दिया, जिससे उनको चोट आई। प्रवीन ने बताया कि इसके बाद 17 अगस्त 2016 को एक बार फिर से बिजली निगम की तरफ से उनके खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर करवा दी गई। इसके लिए उन्होंने सीएमडी को भी पत्र लिखा, जिस पर जांच की गई तो उन्होंने कहा कि एक मीटर पर तीन बार बिजली चोरी की एफआईआर कैसे हो सकती है। प्रवीन ने बताया कि उन पर 2000 में भी इसी मीटर पर बिजली चोरी की एफआईआर हुई थी, जो मामला 2009 तक चलता रहा।
एक-दूसरे पर लगाया लापरवाही का आरोप
शुक्रवार को बिजली सभा में आई प्रवीन सबलोक की शिकायत पर ग्रीवेंस कमेटी के चेयरमैन बीएस गर्ग और एक्सईएन बीएस कंबोज में जमकर बहस हुई। इस दौरान दोनों एक-दूसरे पर काम में लापरवाही का आरोप लगाया जिस पर एक्सईएन ने चेयरमैन को कहा कि आप तय करोगे मुझे क्या करना है। इस दौरान चेयरमैन ने एक्सईएन को कहा कि सीजीआरएफ में जाकर देख लो मेरे खिलाफ एक भी शिकयत नहीं है आज तक।
बिजली सभा में 10 शिकायतों में से दो का समाधान
बाकी के लिए अधिकारियों से एक हफ्ते में मांगी रिपार्ट
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर के बलदेव नगर स्थित बिजली बोर्ड के दफ्तर में शुक्रवार को बिजली सभा का आयोजन किया गया। सभा में बिजली संबंधी कुल 10 शिकायतों में से दो का मौके पर समाधान कर दिया गया। बाकी शिकायतों के लिए संबंधित अधिकारियों से एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा गया है। सबसे ज्यादा शिकायतें निगम की तरफ से किसी कर्मचारी बिजली रीडिंग लेने के लिए न आना व बिल न भेजने संबंधी थीं।
कंपनी सुपरवाइजर पर बरसे चेयरमैन व एसई
लोगों के घरों व दुकानों में जाकर रीडिंग लेने और बिल भुगतान करने का सबूत नहीं दे सका सुपरवाइजर धर्वेश
बिजली सभा में कंपनी सुपरवाइजर से शहर में आने वाली शिकायतों पर रिकार्ड मांगा गया तो इसमें लापरवाही निकलने पर चेयरमैन व एसई ने सुपरवाइजर को जमकर लताड़ा। बता दें कि लोगों के घरों में बिजली निगम की तरफ से रीडिंग लेने और बिल देने का जिम्मा एनवाईजी कंपनी को दे रखा है और अंबाला में इसकी सुपरवाइजरी के लिए धर्वेश को रखा गया है, लेकिन जब शुक्रवार को सभा में धर्वेश ने अधिकारियों को रिपोर्ट दी तो चेयरमैन ने रिपोर्ट से ही अंदाजा लगा लिया कि काम में एनवाईजी कंपनी के अधिकारियों व कर्मियों की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है। इस दौरान चेयरमैन ने एक उदाहरण भी दिया कि एक कंज्यूमर कह रहा है कि उनकी रीडिंग हमेशा एक हजार से कम नहीं आती थी, लेकिन पिछले चार माह से उनके बिजली बिल में उनकी रीडिंग 200 से ऊपर ही नहीं भेजी जा रही। इस दौरान सुपरवाइजर धर्वेश से कर्मियों द्वारा लोगों के घरों व दुकानों में जाकर रीडिंग लेने और बिल भुगतान करने का सबूत मांगा तो वह नहीं दे सका। जिस पर चेयरमैन ने यह तक कह डाला कि सुपरवाइजर और एनवाईजी कंपनी के एमडी पर पर्चा दर्ज होना चाहिए। वहीं एसई आरके खन्ना ने कहा कि ऐसे कर्मियों की वजह से बिजली निगम का नाम खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो काम नहीं करते उन्हें फील्ड से निकाला जाए। इस दौरान एसडीओ को भी लताड़ लगाते हुए कहा कि उनका भी फर्ज बनता है कि वह फिल्ड में जाकर देखें कि सब कार्य ठीक हो रहा है या नहीं।
काम छोड़कर चले गए थे फील्ड कर्मी
बिजली सभा में मौजूद एक्सईएन बीएस कंबोज ने कहा कि एक बार उन्होंने धर्वेश से जब फील्ड की रिपोर्ट मांगी थी तब पांच कर्मी काम छोड़कर चले गए थे, क्योंकि उनकी लापरवाही का खुलासा हो चुका था।
ये शिकायतें आई
1. रीडिंग लेने नहीं आता है कोई कर्मी
जग्गी कॉलोनी के फेस-2 में रहने वाले 75 वर्षीय वेद प्रकाश ने कहा कि उनके घर पर बिजली निगम के तरफ से कोई भी कर्मचारी बिजली रीडिंग लेने नहीं आता, जिसको लेकर उन्होंने 8 दिसंबर 2017 को भी शिकायत दी थी, लेकिन उसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि न ही उनके घर पर कभी बिल देने के लिए विभाग का कोई कर्मचारी आता है। उन्हें स्वयं बिजली बोर्ड के दफ्तर में जाकर बिल लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विभाग की तरफ से अंदाज से बिल बना दिया जाता है।
2. बिजली के गिरे हैं तार, शार्ट सर्किट का खतरा
शहर के सेक्टर-7 में रहने वाले 75 वर्षीय दर्शन लाल भाटिया ने बताया कि उनकी जग्गी गार्डन में गायत्री कॉलोनी में किराने की दुकान है। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान के आगे बिजली निगम की तरफ से ट्रांसफार्मर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यहां कई बिजली के तार भी गिरे पड़े हैं, जिससे बरसात में कई बार शॉर्ट सर्किट होता रहता है, और दुकान में आगजनी का खतरा बना रहता है।
3. पहले दौड़ाया फिर कहा- स्कीम बंद हो गया
शहर के निकटवर्ती गांव खैड़ा के रहने वाले 62 वर्षीय कर्मजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में ट्यूबवेल लगवाने के लिए तत्काल स्कीम के तहत अक्तूबर 2017 में अप्लाई किया था, जोकि अभी तक नहीं लगा। उन्होंने बताया कि ट्यूबवेल लगवाने के लिए वह 3 अप्रैल 2018 को चोड़मस्तपुर में बिजली बोर्ड में भी गए, जहां बिजली निगम के अधिकारियों ने उन्हें अगले दिन यानि 4 अप्रैल को बुलाया। उस दिन उनसे सभी कागजात भरवा लिए गए और फिर से अगले दिन यानि 5 अप्रैल को बुलाया। उन्होंने बताया कि जब वह पहुंचे तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि तत्काल स्कीम बंद हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर स्कीम बंद हो गई थी तो कागजात क्यों भरवाए गए। कर्मजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस बारे 6 अप्रैल को एसई को भी इस संबंधि शिकायत दी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान न हो सका।
4. अंदाज से भेजा जा रहा बिजली का बिल
जग्गी गार्डन में रहने वाले 70 वर्षीय मामराज ने बताया कि उनके घर पर बिजली निगम की तरफ से कोई भी कर्मचारी न तो बिजली रीडिंग लेने आता है और न ही बिल देकर जाता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनका अंदाज से बिल भेजा जा रहा है। मामराज ने बताया कि उन्होंने इस संबंधि 8 दिसंबर 2017 को भी शिकायत दी थी, लेकिन समस्या का समाधान न हो सका।
5. शिकायत देने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
अंबाला छावनी में बीडी फ्लौर मिल के पास रहने वाले 66 वर्षीय अशोक कुमार पासी ने बताया कि वह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से रिटायर्ड हैं। उनके घर पर बिजली निगम की तरफ से कोई भी कर्मचारी न तो बिजली रीडिंग लेने आता है और न ही बिल देकर जाता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दिसंबर 2017 में उनका बिल 1825 रुपये आया था, जिसकी रीडिंग 381 यूनिट थी। उसके बाद फरवरी 2018 में 1104 रुपये बिल आया और रीडिंग 220 यूनिट थी। उसके बाद अप्रैल में 1213 रुपये बिल आया और इसकी यूनिट 259 थी, लेकिन जून माह में जो बिल आया है उसकी यूनिट 2134 है और बिल 16484 रुपये है। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि उनके घर पर बिजली निगम की तरफ से कोई भी कर्मचारी न तो बिजली रीडिंग लेने आता है और न ही बिल देकर जाता है जिस वजह से बिजली निगम अंदाज से बिल भेज देता है। अशोक कुमार पासी ने कहा कि इस संबंधी एक शिकायत 6 जुलाई को एसडीओ को भी की, लेकिन समस्या का समाधान न हो सका।
6. अकाउंटेंट की लापरवाही, पिछला बिल जोड़कर दिया
जंडली में कांवला गांव में रहने वाले 39 वर्षीय हरजीत सिंह ने बताया कि 2 मई 2018 को उनका 2911 रुपये बिजली बिल आया, जिसकी यूनिट 345 थी। उन्होंने 17 मई को यह बिल भुगतान किया। उन्होंने विजय नगर बिजली बोर्ड में यह बिल भुगतान किया था, शउस ऱ्वक्त वहां कंप्यूटर खराब होने के कारण बिल लेने वाले अकाउंटेंट ने उनको रीसिविंग न देकर बिल पर ही लिख दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उसके बाद 9 जून को उनका 5177 रुपये बिल आया जिसकी यूनिट 409 थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनका बिल, पिछले बिल जो कि भुगतान किया जा चुका है उसको जोड़कर आया है। हरजीत सिंह ने बताया कि इस संबंधि उन्होंने 18 जुलाई को एसडीओ से बात भी की, लेकिन एसडीओ ने कहा कि उनका पिछले बिल का भुगतान नहीं किया गया है। उन्हें दोबारा भुगतान करना पड़ेगा। हरजीत सिंह ने बताया कि वह इसी मामले को लेकर दोबारा एसडीओ के पास गए थे, लेकिन एसडीओ ने कहा कि इसका जवाब उनकी ब्रांच में कार्यरत अकाउंटेंट देंगे।
7. छह माह से नहीं आया बिजली का बिल
जग्गी गार्डन में रहने वाले 70 वर्षीय मेवा सिंह ने बताया कि उनका पिछले छह माह से बिजली बिल नहीं आया है, और न ही बिजली निगम का कोई कर्मचारी न तो बिजली रीडिंग लेने आता है और न ही बिल देकर जाता है और न ही मोबाइल पर बिजली निगम की तरफ से बिल भुगतान के लिए किसी तरह का एसएमएस आ रहा है।
8. पांच हजार आता था बिल, इस बार सात लाख भेजा
अंबाला छावनी में दयालबाग में रहने वाले 44 वर्षीय लटूर चंद ने कहा कि उनका बिजली का बिल कभी भी 5 से 7 हजार रुपये से ज्यादा नहीं आता, लेकिन इस बार बिजली निगम ने उन्हें 6 लाख 80 हजार रुपये का बिल भेज दिया। लटूर चंद ने कहा कि इस पर वह बिजली निगम के दफ्तर गए तो उन्हें इस बिल को ठीक कर दोबारा दिया गया तो फिर से यह बिल 51,279 रुपये बिना दिया गया।
9. यूनिट कभी शून्य तो कभी 5 लिखी होती
अंबाला छावनी में धोबी कॉलोनी में रहने वाले जसपाल सिंह जग्गी ने बताया कि उनका बिल निगम की तरफ से हर बार अंदाज से भेजा जाता है और बिल में यूनिट कभी शून्य तो कभी 5 लिखी होती है।
ये रहे मौजूद
शुक्रवार को बिजली सभा में ग्रीवेंस कमेटी के चेयरमैन बीएस गर्ग, ग्रीवेंस कमेटी के मेंबर जीडी बंसल, एसई आरके खन्ना, एसडीओ कमल पानरा, एसडीओ प्रियंक, एसडीओ उवर्शी, एक्सईएन बीएस कंबोज, एक्सईएन पवन नरुला व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।