अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। बीती 6 जुलाई से लापता हुए युवक के साथ पिटाई कर उसे गंभीर रूप से घायल करने व खेतों में बेसुध हालत में गिराने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के रोष स्वरूप पीड़ित के परिजनों ने बुधवार को डीएसपी नारायणगढ़ से मुलाकात की। परिजनों ने डीएसपी को बताया कि पुलिस ने न तो अभी तक उनकी शिकायत पर कार्रवाई की और न ही अस्पताल में मरणासन्न अवस्था में पड़े गुरविंद्र के बयान दर्ज किए। उधर, डीएसपी ने भी साफ कहा कि गुरविंद्र जानबूझकर बयान नहीं दे रहा है, जबकि पुलिसकर्मी कई बार उसके पास जा चुके हैं।
डीएसपी अमित भाटिया ने परिजनों को बताया कि आप द्वारा 6 जुलाई को दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 346 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। डीएसपी ने पीड़ित के परिजनों को उन्हें एफआईआर की एक कापी भी सौंपी। पीड़ित के अस्पताल में मरणासन्न अवस्था में पड़े होने के उसके परिजनों के दावे को डीएसपी ने कहा कि गुरविंद्र अस्पताल में बिलकुल ठीकठाक है, जबकि वह जानबूझकर कोई बयान नहीं दे रहा। गुरविंद्र के बिलकुल ठीकठाक होने बारे उसके परिजनों को एक वीडियो क्लिप भी दिखाई, जिसमें वह बड़े आराम से अस्पताल के बेड पर मस्ती कर रहा था। डीएसपी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से एक पुलिस अधिकारी उसके बयान लेने के लिए अस्पताल में जा रहा है, परंतु गुरविंद्र जानबूझकर बयान नहीं दे रहा। बुधवार को भी जांच अधिकारी उसके बयान लेने के लिए अस्पताल में गए हुए हैं। डीएसपी की बात सुन पीड़ित के परिजन चुपचाप वहां से निकल गए।
थाना प्रभारी हरभजन सिंह ने बताया कि गुरविंद्र के बयान लेने के लिए एक पुलिस अधिकारी चंडीगढ़ अस्पताल में गया हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी के आने के बाद ही पता चलेगा कि गुरविंद्र ने क्या बयान दिए हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस अधिकारी थाना में नहीं पहुंचा था।