कैंट में 3 घंटे बारिश, मौसम विभाग ने बताया 1 एमएम हुई
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। शुक्रवार को कैंट में 3 घंटे तक बारिश हुई। जोरदार बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई। यहां तक लोगों के घरों में पानी घुस गया, मगर मौसम विभाग ने सुबह 8.30 से शाम 5.30 के बीच हुई बारिश को एक एमएम बताया। विभाग कहना है कि बारिश की रिपोर्ट सिटी ऑफिस में लगे इंस्ट्यूमेंट द्वारा मिली रिपोर्ट के आधार पर ही मीडिया बुलेटिन चार्ट बनाया गया। इसमें वह कुछ नहीं कर सकते। बेशक कैंट की अपेक्षा सिटी में कुछ ही बारिश हुई, मगर अनुमान के मुताबिक कैंट में बारिश 60 से 70 एमएम हुई होगी। चूंकि लगातार बारिश होने से कैंट सभी एरिया में जलभराव हो गया, जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद मौसम में घुली ठंडक
उमस भरे मौसम के बाद झमाझम बारिश होने से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ सड़कों व गलियों में जलभराव हो गया, लेकिन इससे तापमान में भी गिरावट हुई। शुक्रवार को जिला का अधिकतम तापमान 34.2 और न्यूनतम 27.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई तक बारिश होने के पूरे आसार हैं।
इन जगहों पर हुई जलभराव की स्थिति
ढाई घंटे की बारिश से कैंट की हाउसिंग बोर्ड, महेश नगर, गोबिंद नगर, राम नगर, बीडी फ्लोर, कच्चा बाजार, राय मार्केट, गांधी मार्केट, साइंस सिटी व लाल कुर्ती आदि स्थानों पर जलभराव हो गया। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों के लिये विकट समस्या तब ज्यादा हो गई, जब नालियों का गंदा पानी ओवर फ्लो होकर गलियों में आ गया। इतना ही नहीं निचले स्तर के एरिया में बरसात का पानी घरों में घुस गया। ऐसे में लोगों ने बाल्टियों व मोटर लगाकर पानी बाहर निकाला। हालांकि मानसून से पहले नगर निगम नालियों व नालों की सफाई व्यवस्था में जुटा था। बकादा इसके लिये जेसीबी मशीनें लगाई गई थी। बावजूद इसके नालियों के गंदे पानी से गलियां भर गई।
बरसात से किसानों के चेहरे खिले
बारिश का सबसे ज्यादा फायदा धान की फसल को हुआ। खेत खलिहान में पानी आने से किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। किसान धर्म सिंह, किशोर चंद, देवेंद्र सैनी, राज कुमार, बलविंद्र सिंह, अवतार सिंह, सरदारा सिंह का कहना था कि इस समय धान की फसल के लिये बारिश का पडना बहुत जरूरी था। क्योंकि गर्मी के चलते बार-बार बिजली कट लग रहे थे। ऐसे में खेतों में लगाई गई धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था जिसके चलते खेत में दरार पड़ना शुरू हो गई थी। लेकिन बारिश से अब काफी दिन तक राहत मिलेगी।