जीआरपी कालका में तैनात सब इंस्पेक्टर के बेेटे को भारतीय खाद्य निगम में फूड इंस्पेक्टर की नौकरी का झांसा देकर 9.5 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। इस दौरान आरोपियों ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी भेज दिया, लेकिन धोखाधड़ी का खुलासा होने पर सब इंस्पेक्टर ने एसपी अंबाला को शिकायत दी। इसके बाद बजरंग वाहिनी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली की सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य आरोपी गजराज सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता विलायती राम ने बताया कि वह जीआरपी कालका में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्त है। इससे पहले वर्ष 2020-2021 में वह बतौर प्रबंधक थाना जीआरपी अंबाला छावनी में नियुक्त था। उस दौरान आरोपी गजराज सिंह दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच अक्सर यात्रा करता था और कार्यालय से इसका वीआईपी मूवमेंट का प्रोग्राम जारी होता था। कई बार यह अंबाला छावनी स्टेशन पर ट्रेन से उतरता और चढ़ता था। तब थाना प्रबंधक रहते हुए वे खुद भी स्टाफ के साथ उसको अटेंड करने जाता रहता था। इस कारण सब इंस्पेक्टर की गजराज सिंह से जान पहचान हो गई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसका बेटा आकाश जिसने बीएससी, एमसीए तक पढ़ाई की हुई है। उसके बारे में आरोपी गजराज सिंह ने पूछताछ की। साथ ही कहा कि वह सलाहकार समिति, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली का पूर्व सदस्य रहा है। जब भी इस विभाग में कोटे की सीटें निकलेंगी तो वह आकाश को नौकरी लगवा देगा। इसके बाद गजराज सिंह आकाश से वाहट्सअप काल के माध्यम से बात करने लगा। इसी दौरान नवंबर 2021 में उसकी पोस्टिंग थाना जीआरपी अंबाला छावनी से बतौर प्रबंधक थाना जीआरपी चंडीगढ़ हो गई थी। फिर गजराज सिंह ने बेटे आकाश से दिसंबर 2021 में फूड इंस्पेक्टर के फार्म भरवाये और उसकी पढ़ाई की डिग्री, सर्टिफिकेट व फोटो आदि ले गया था। छह जनवरी 2022 को डाक्यूमेंट पर हस्ताक्षर करवाने के लिए वह आकाश को लघु सचिवालय हरियाणा, चण्डीगढ़ भी ले गया। इसके बाद तीन अप्रैल 2022 को गजराज ने आकाश को भारतीय खाद्य निगम आंचलिक कार्यालय, नोएडा की ओर से जारी एक लेटर दिया। इस लेटर में एग्जाम की तारिख 17 अप्रैल 22 लिखी थी। उस पर असिसटेंट जनरल मैनेजर के हस्ताक्षर व बाकायदा कार्यालय का रेफरेंस लगा था। इसके उपरांत गजराज ने आकाश को एक पत्र दिनांक 10 मई 2022 को वाहट्सअप के माध्यम से भेजा, जिसमें चार लड़कों के नाम थे। इसमें 12 मई 2022 तक डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन और 24 मई 2022 तक कोलकता में फिंगर प्रिंट डिस्टेन्स आई टेस्ट करने के बारे में लिखा था। इससे पहले खाद्य विभाग जम्मू एंड कश्मीर कार्यालय से दस्तावेज सत्यापित करवाने के लिए आकाश को वह जम्मू कश्मीर भी ले गया, जहां पर पत्र पर साइन करवाये थे। इसके बाद इसने लड़के को 19 मई को एक अन्य लेटर वाह्ट्सअप पर भेजा, जिस पर जसमीत कौर फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन कृषि भवन नई दिल्ली के हस्ताक्षर हैं। साथ ही कहा कि जम्मू कश्मीर से वेरिफिकेशन अप्रूव हो गई है। अब 24 से 28 मई के बीच फिंगर प्रिंट डिस्टेंस आई टेस्ट के लिए कोलकता जाना है। इस दौरान आरोपी ने जम्मू कश्मीर और कोलकाता जाने-आने और रहने का खर्चा भी मांगा। इसके लिए सब इंस्पेक्टर ने गजराज के मोबाइल नंबर पर 10 मई से 30 मई तक अलग-2 तारीख में करीब एक लाख रुपये गूगल-पे कर दिये। इसके बाद उसे एक लेटर मिला जिसमें सैलरी का विवरण है और 20 जून से पहले ज्वाइनिंग के बारे भी लिखा हुआ था। वहीं ज्वाइनिंग से पहले आरोपी गजराज ने पोस्ट के हिसाब से पांच लाख रुपये सिक्योरिटी फीस जमा कराने की बात कही। रुपये देने के बाद जब 20 जून को ज्वाइनिंग नहीं हुई और नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली तो उसने आरोपी से रुपये वापस मांगे। इस पर आरोपी ने रुपये देने से इंकार कर दिया और धमकी भी दी।