अंबाला। विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी हो गई। न तो बेटा, बहू और बेटी विदेश जा पाए और न ही एजेंसी ने रुपये लाैटाए। दर्जनों कोशिश करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ितों ने मामले की शिकायत अंबाला पुलिस अधीक्षक से की। अब अलग-अलग छह शिकायतों पर अंबाला सिटी विकास विहार में स्थित विश्वास ग्रुप के खिलाफ बलदेव नगर थाने में मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी गई है।
पहला मामला
कुरुक्षेत्र निवासी जसविंदर सिंह ने बताया कि अंबाला सिटी के विश्वास ग्रुप ऑफ कंपनी के मालिक रचना जग्गी और पुरुषोत्तम भट्टी और पल्लवी व गगन ने उनके बेटे को विदेश यूके का बीजा दिलाने का वादा किया था। उनके झांसे में आकर उसने 15 लाख रुपये दे दिए। बावजूद इसके उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
दूसरा मामला
कुरुक्षेत्र के पेहवा निवासी बलजीत सिंह ने भी विश्वास ग्रुप की मालिक रचना जग्गी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। बलजीत सिंह ने बताया कि वो अपने बेटे का स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेजना चाहता था लेकिन 12 लाख 60 हजार रुपये देने के बाद भी रचना ने बेटे को बाहर नहीं भेजा और न ही पैसे वापिस किए।
तीसरा मामला
शाहबाद निवासी इंद्र सिंह ने बताया कि उसने अपने बेटे और पुत्र वधु को विदेश भेजने के लिए विश्वास ग्रुप के मालिक रचनीत कौर जग्गी उर्फ रचना जग्गी और पुरुषोत्तम भट्टी और पल्लवी जैन, गगन, गोल्डी, कृनिका वर्मा 20 लाख 20 हजार रुपये दिए थे लेकिन न तो उन्होंने वीजा लगवाया और न ही पैसे वापिस किए, उल्टा गालीगलौज और जातिसूचक शब्द बोलते हुए धक्का मुक्की की व जान से मारने की धमकी देने लगे।
चौथा मामला
राजपुरा निवासी रणजीत सिंह ने बताया कि उसने अपने भतीजे को विदेश भेजने के लिए विश्वास ग्रुप को छह लाख 65 हजार रुपये दिए थे लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की,उल्टा उन्हें ही धमकियां देने लगे। इसमें रचनीत जग्गी सहित अन्य लोग भी शामिल हैं।
पांचवां मामला
कुराली गांव नारायणगढ़ निवासी कर्म सिंह ने बताया कि उसने अपने बेटे को विदेश भेजने के लिए विश्वास ग्रुप को नौ लाख 65 हजार रुपये दिए थे लेकिन वो बेटे को बाहर नहीं भेज पाए। जब उनसे पैसे मांगे तो उन्होंने दो लाख 65 हजार रुपये दे दिए, लेकिन सात लाख रुपये नहीं मिले।
छठा मामला
अंबाला सिटी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी महिला ने बताया कि उसने बेटी को कनाडा भेजने के लिए विश्वास इंटरनेशनल इमिग्रेशन में अर्चना को 23 लाख रुपये दिए थे लेकिन बेटी के दस्तावेज लेने और पैसे लेने के बाद भी अर्चना ने उसे विदेश नहीं भेजा।