अंबाला। महाराष्ट्र में अंबाला की आयुर्वेदिक व फ्रूट जूस कंपनी का स्टोकिस्ट बनकर 84 लाख 60 हजार 831.33 रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने ऋषभ गुप्ता की शिकायत पर महाराष्ट्र के बंसत ईश्वर चंद त्यागी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बता दें कि यह कंपनी अंबाला की बड़ी कंपनियों में से एक है। जिनका विदेशों में भी जूस जाता है।
पुलिस को दी शिकायत में रामपुर सरसेहड़ी निवासी ऋषभ गुप्ता ने बताया कि उनकी मैसर्ज एक्जीओम आयुर्वेद प्राईवेट लिमिटेड कंपनी है। इसमें वह और अलिशा गुप्ता डायरेक्टर है। यह कंपनी आयुर्वेदिक प्रोडक्टस की मैन्यूफैचरर्च व ट्रेडर्ज है। आरोपी महाराष्ट्र निवासी बसंत ईश्वर चन्द त्यागी अपने फर्म मैसर्ज राजश्री ट्रेडर्ज का सोल प्रो. हमारे पास आयुर्वेदिक और फ्रूट जूस के सामान लेने के लिए अंबाला आया था। बताया था कि वह महाराष्ट्र में आयुर्वेदिक के आइटम बेचने व खरीदने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ठाने के एरिया के लिए बतौर स्टोकिस्ट के लिए काम करना चाहते हैं। खरीदे गए सामान की अदायगी की राशि हमें हर बिल के 30 दिन के अंदर-अंदर कंपनी को अदा करनी होगी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि पहले तो आरोपी ने कुछ राशि देकर सामान मंगवाना शुरू कर दिया। कई सालों तक ठीक चलता रहा। भरोसे में लेने के बाद अधिक धनराशि का समान लेना शुरू कर दिया। कुछ समय पश्चात आरोपी भेजे गए सामान की राशि अदा करने में देरी करने लग गया। बीच में जब शिकायतकर्ता ने अपने भेजे गए माल की राशि मांगी तो आरोपी बहाने बना देता और फोन उठाना बंद कर दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि 30 सितंबर 2022 को 67 लाख 10 हजार 659 रुपये की देनदारी के बारे में मेल भेजी। इस पर आरोपी ने ई-मेल से उपरोक्त देनदारी को सही माना। धीरे-धीरे राशि बढ़ गई। 31 मार्च 2023 से पहले देने के लिए कहा तो उसने हमें बकाया धन राशि 83 लाख 81 हजार 710 का अपनी फर्म का पोस्ट डेट चेक 10 मार्च 2023 का दे दिया। बाद में सामान लेता रहा। 15 अप्रैल को चेक लगाया तो खाता बंद होने की बात कर बैंक ने लौटा दिया। इस तरह कुल 84 लाख 60 हजार 831.33 रुपये का गबन कर लिया।
शिकायकर्ता ने बताया कि आरोपी ने सोची समझी साजिश के तहत, गैर कानूनी नुक्सान व अपने आप को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी फर्म के फर्जी दस्तावेज व खाते तैयार किए हैं। आरोपी से दिये गये माल के बदले बकाया धनराशि मांगी तो दोषी हमारे साथ गाली गलौच करने लगे व अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। साथ ही झूठे केस में फंसवा दूंगा और जान से मारने की धमकी भी दी। धमकाया कि किसी और स्टोकिस्ट को कंपनी का माल बेचा तो वह उनका उस एरिया में रहना मुश्किल कर देगा। दोषी ने कंपनी को नुकसान पहुंचाने की नीयत से मार्केट में उसकी छवि खराब करनी शुरू कर दी।